Janmashtami Vrat : जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस दिन बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और रात में भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। व्रत रखने का तरीका हर परिवार और क्षेत्र में अलग हो सकता है. कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग फलाहार करते हैं। ऐसे में व्रत के दौरान सही खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है.
व्रत में क्या खा सकते हैं?
फलाहार करने वाले लोग दिनभर ताजे फल, दूध, दही, मखाना और सूखे मेवे ले सकते हैं। साबूदाने से बनी खिचड़ी या खीर भी व्रत के दौरान खाई जाती है. इसके अलावा कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी या पकवान भी कई घरों में बनाए जाते हैं। स्वाद के लिए सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करने की परंपरा है.
इन चीजों से करें परहेज
जन्माष्टमी व्रत में आमतौर पर अनाज और दालों का सेवन नहीं किया जाता। चावल, गेहूं और सामान्य अनाज से बने खाद्य पदार्थों को व्रत के दौरान छोड़ने की परंपरा है। कई परिवार प्याज, लहसुन और मांसाहारी भोजन से भी पूरी तरह दूरी रखते हैं।
तले हुए खाने से बचें
व्रत में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं, लेकिन ज्यादा तला-भुना खाना खाने से बचना बेहतर है. खासकर व्रत खोलते समय एक साथ बहुत भारी भोजन करने के बजाय हल्का खाना लेना सही रहता है.
व्रत खोलने से पहले जानें नियम
व्रत खोलने यानी पारण का समय परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है. कुछ लोग मध्यरात्रि पूजा के बाद व्रत खोलते हैं, जबकि कुछ परंपराओं में अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। इसलिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार ही समय तय करें.
सेहत का भी रखें ध्यान
अगर आप पहली बार व्रत रख रहे हैं या लंबे समय तक बिना भोजन के रहने में परेशानी होती है, तो अपनी क्षमता के अनुसार ही व्रत रखें। जरूरत महसूस होने पर पानी और उचित फलाहार लें। व्रत का उद्देश्य श्रद्धा और संयम है, इसलिए अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.