1 जनवरी 2026 से आधार-पैन लिंक न होने पर पैन निष्क्रिय हो सकता है। इससे बैंकिंग, टैक्स रिफंड और सरकारी योजनाओं में दिक्कत आएगी। वहीं हर महीने की तरह एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव संभव है, जिसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ेगा। घरेलू और व्यावसायिक दोनों सिलेंडरों की दरें बदली जा सकती हैं।
ईंधन, टैक्स और सैलरी पर असर
नए साल से हवाई ईंधन, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में बदलाव हो सकता है, जिससे यात्रा और परिवहन महंगे हो सकते हैं। सरकार नए इनकम टैक्स कानून से जुड़े नियमों को नोटिफाई कर सकती है। साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं, हालांकि बढ़ी सैलरी मिलने में समय लग सकता है।
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कार, किसान और बैंकिंग नियम
1 जनवरी से कई ऑटो कंपनियां कारों की कीमतें बढ़ाने जा रही हैं, जिससे नई कार खरीदना महंगा होगा। किसानों के लिए पीएम किसान योजना में यूनिक किसान आईडी जरूरी होगी। बैंकिंग सेक्टर में यूपीआई, सिम वेरिफिकेशन, लोन और एफडी ब्याज दरों से जुड़े नए नियम लागू होंगे, जिससे डिजिटल लेनदेन और निवेश पर असर पड़ेगा।
व्यापार और छुट्टियों का असर
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते के तहत 1 जनवरी से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क लगेगा, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं जनवरी में कई राज्यों में बैंक छुट्टियां रहेंगी, इसलिए जरूरी बैंकिंग काम पहले निपटाने की सलाह दी जा रही है।