जापान के दक्षिण-पश्चिमी क्यूशू द्वीप में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। कुमामोटो इलाके में कई इमारतें ढह गईं, आग लगने की घटनाएं सामने आईं और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक शॉपिंग मॉल में गैस विस्फोट के बाद बड़ा नुकसान हुआ, जबकि एक फैक्ट्री में चिमनी गिरने से कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक से लोगों में दहशत बनी हुई है।
भूकंप से कुमामोटो में मची भारी तबाही
मंगलवार को आए तेज भूकंप के झटकों ने दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया। कई घर गिर गए और अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। पुलों के क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही भी प्रभावित हुई। भूकंप के कारण हजारों घरों की बिजली गुल हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इससे पहले इतना शक्तिशाली भूकंप महसूस नहीं किया था।
शॉपिंग मॉल में गैस विस्फोट के बाद मचा हड़कंप
काशिमा शहर के एक शॉपिंग मॉल में भूकंप के बाद गैस विस्फोट होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि भूकंप के करीब आधे घंटे बाद यह विस्फोट हुआ, जिसके चलते मॉल का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में 13 लोगों की मौत होने की जानकारी है, जिनमें कम से कम दो महिलाएं शामिल हैं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव दल लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं।
फैक्ट्री में चिमनी गिरी, 9 लोग लापता
यात्सुशिरो इलाके में निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री भी भूकंप की चपेट में आई। यहां लाल-सफेद रंग की बड़ी चिमनी टूटकर फैक्ट्री परिसर के ऊपर जा गिरी। इस घटना के बाद 9 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। राहत दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर मलबे और क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच कर रहे हैं।
हजारों लोगों ने राहत शिविरों में ली शरण
भूकंप के बाद बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बुधवार सुबह तक क्यूशू द्वीप के तीन इलाकों में बनाए गए 506 राहत शिविरों में 9 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई। बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। बुधवार सुबह तक कुमामोटो में ही 36,880 घरों की बिजली बंद बताई गई।
जापान में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
जापान दुनिया के उन इलाकों में है जहां भूकंपीय गतिविधियां काफी ज्यादा होती हैं। देश कई सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के प्रभाव वाले क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों की हलचल के कारण धरती के भीतर तनाव पैदा होता है और अचानक ऊर्जा निकलने पर भूकंप आते हैं।क्यूशू में इससे पहले 2016 में भी दो बड़े भूकंप आए थे, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इस बार भी मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक महसूस किए गए। जापान में भूकंप की तीव्रता और उसके प्रभाव को समझने के लिए सात स्तर वाले शिंदो पैमाने का इस्तेमाल किया जाता है। इस भूकंप को पैमाने के सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया, जिसमें इंसान के लिए खड़े रहना तक मुश्किल हो सकता है।
सरकार ने राहत-बचाव अभियान तेज किया
जापानी सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने राजधानी टोक्यो में भूकंप के कारण हुई मौतों और नुकसान की जानकारी दी। सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा के मुताबिक सात लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। लगातार आफ्टरशॉक के बीच बचाव टीमें मलबे मेंv फंसे लोगों को तलाशने और प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने में जुटी हैं।