
जापान को पहली बार कोई एक महिला प्रधानमंत्री होगी। जापान में पीएम के चुनाव की प्रक्रिया जारी है। इसे लेकर शनिवार को वोटिंग हुई। इस मतदान में जापान की पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री साने ताकाइची को देश की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) का नेता सलेक्ट किया गया। एलडीपी का नेता चुने जाने के बाद अब वह 15 अक्टूबर को शपथ ग्रहण करने वाली हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी नेतृत्व की दौड़ में पांच उम्मीदवारों में से किसी को भी शुरुआती दौर की वोटिंग में बहुमत नहीं मिल पाया। इसके बाद दूसरे दौर की वोटिंग में ताकाइची को 185 वोट मिले। वहीं कोइज़ुमी को 156 वोट मिले।
चुनाव के पहले दौर में, ताकाइची ने कुल 183 वोटों के साथ बढ़त मिली। उन्हें 64 पार्टी सांसदों और 119 आम सदस्यों का समर्थन मिला। कोइज़ुमी को 164 वोट मिले, इसमें 80 पार्टी सांसदों के और 84 आम सदस्यों का उन्हें साथ मिला।
नौ उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की थी
एलडीपी के सांसदों ने दिन में ही नए नेता के लिए वोटिंग शुरू की। इसमें पांच उम्मीदवार अगले पीएम बनने की रेस में शामिल थे। साने ताकाइची के साथ पूर्व एलडीपी महासचिव तोशिमित्सु मोटेगी, मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी, कृषि मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी और ताकायुकी कोबायाशी की दावेदारी शामिल थी। ये पांचों उम्मीदवार बीते वर्ष के चुनाव में भी शामिल थे।
चुनाव के पहले दौर में कुल 590 वोट पड़े
आपको बता दें कि बीते माह एलडीपी अध्यक्ष शिगेरु इशिबा के इस्तीफे के बाद से चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। एलडीपी के लिए कठिन हालात हैं। विकास की धीमी रफ्तार, बढ़ती कीमतें और येन का तीव्र अवमूल्यन चुनावी मुद्दा रहा है। इसके साथ एलडीपी की दोहरी हार ने उसके नेतृत्व को कड़ी चुनौती दी है। ऐसे में उसके लिए आगे का रास्ता कठिन होता जा रहा है। एलडीपी को इस कठिन समय में लोगों को ये भरोसा दिलाना होगा कि एक विभाजित पार्टी को एकजुट रखना, अल्पमत शासन को संभालने के साथ वोटरों को यह विश्वास दिलाना कि एलडीपी अभी भी स्थिर सरकार बना सकती है।