Jasprit Bumrah Bowling Impact : जसप्रीत बुमराह मैदान पर हों तो भारतीय गेंदबाजी की तस्वीर अलग नजर आती है। लेकिन जैसे ही वह टीम से बाहर होते हैं, गेंदबाजों पर दबाव बढ़ता दिखाई देता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 250 रन बनाने के बाद भी भारतीय टीम लक्ष्य नहीं बचा सकी। इस नाकामी ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या टीम इंडिया की गेंदबाजी जरूरत से ज्यादा बुमराह पर निर्भर हो गई है? आखिर दूसरे गेंदबाज उनके बिना मैच का रुख क्यों नहीं पलट पाते?
मुश्किल वक्त में बुमराह बनते हैं सबसे बड़ा हथियार
बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीक गेंदबाजी और अलग-अलग तरह की गेंदें हैं। पिच से मदद मिले या बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे हों, वह अपनी गेंदों से दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। डेथ ओवरों में उनकी यॉर्कर और धीमी गेंदें बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। यही वजह है कि कप्तान मुश्किल हालात में उन्हें गेंद सौंपना पसंद करते हैं। लेकिन जब बुमराह नहीं होते, तो दूसरे गेंदबाजों को वही जिम्मेदारी निभानी पड़ती है और यहीं टीम की कमजोरी सामने आती है।
आंकड़े भी बता रहे हैं बुमराह की अहमियत
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बुमराह ने 17 मैचों में 23 विकेट लिए। उनकी मौजूदगी में भारतीय गेंदबाजों ने कुल 128 विकेट लिए और उनका औसत 21.49 रहा। गेंदबाजी की इकॉनमी 8.62 रही। वहीं, बुमराह के बिना खेले गए 16 टी20 मैचों में भारत ने 90 विकेट लिए। इस दौरान गेंदबाजों का औसत बढ़कर 27.84 और इकॉनमी 9.16 हो गई। ये आंकड़े बुमराह के प्रभाव को दिखाते हैं, हालांकि टीम के प्रदर्शन पर पिच और विरोधी बल्लेबाजों का असर भी पड़ता है।
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वनडे में भी बढ़ जाती है परेशानी
टी20 के साथ वनडे में भी बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय गेंदबाजी के लिए चुनौती बनती दिख रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल उनके बिना खेले गए 10 वनडे मैचों में भारतीय गेंदबाजों ने 66 विकेट लिए। लेकिन इस दौरान गेंदबाजी का औसत 44.83 और इकॉनमी 6.43 रही। ऐसे आंकड़े बताते हैं कि विकेट लेने के बावजूद रन रोकने में परेशानी हो सकती है। पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन ने भी व