टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर बड़ा कारनामा कर दिखाया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेते ही वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। अब उनके नाम 33 विकेट दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के 32 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
रिकॉर्ड लिस्ट में नंबर-1
बुमराह ने यह उपलब्धि सिर्फ 22 पारियों में हासिल की है। उनके बाद अर्शदीप सिंह और रविचंद्रन अश्विन 32-32 विकेट के साथ सूची में हैं। हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा भी इस खास क्लब में शामिल हैं, लेकिन अब शीर्ष स्थान पर सिर्फ बुमराह का नाम है। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वह बड़े टूर्नामेंट में लगातार असर डालते रहे हैं।
शुरुआती झटकों से संभला अफ्रीका
मैच में साउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 4 ओवर में 20 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज अफ्रीका को बड़ा स्कोर नहीं बनाने देंगे। लेकिन डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने चौथे विकेट के लिए 97 रन जोड़कर मैच की तस्वीर बदल दी।
डेथ ओवर में दिखा असली कमाल
जब स्कोर तेजी से बढ़ रहा था, तभी बुमराह ने अहम विकेट लेकर रफ्तार पर ब्रेक लगाया। उनकी यॉर्कर और धीमी गेंदों ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन और कॉर्बिन बॉश को आउट कर अफ्रीका की पारी को काबू में किया।
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अर्शदीप का भी शानदार साथ
बुमराह के साथ अर्शदीप सिंह ने भी अहम भूमिका निभाई। आखिरी ओवरों में विकेट लेकर उन्होंने दबाव बनाए रखा। हालांकि ट्रिस्टन स्टब्स ने कुछ बड़े शॉट लगाकर टीम का स्कोर 187/7 तक पहुंचा दिया। फिर भी भारतीय गेंदबाजों की कोशिश ने मैच को लंबे समय तक संतुलन में रखा।
क्यों खास है यह उपलब्धि
टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता। बुमराह ने दबाव में शांत रहकर टीम को बार-बार संभाला है। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और अनुभव टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत माने जाते हैं। यह रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि उनकी निरंतरता और भरोसे का प्रमाण है।