पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जयंत चौधरी लगातार रैलियों के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। मुजफ्फरनगर में सभा के बाद अब उनकी नजर बागपत और मेरठ पर है। 25 अप्रैल को सिवाल खास में होने वाली रैली को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये रैलियां सिर्फ जनसभा नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव का रोडमैप तैयार करने की कवायद हैं।
विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश
जयंत चौधरी अपने दादा चौधरी चरण सिंह और पिता अजीत सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। वेस्ट यूपी लंबे समय से रालोद का मजबूत गढ़ रहा है और इसी क्षेत्र से उनके परिवार ने सियासत में ऊंचाई हासिल की थी। अब जयंत भी उसी क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर राजनीतिक चौधराहट कायम करना चाहते हैं।
तीन सीटों पर खास फोकस
सूत्रों के मुताबिक, रालोद की नजर मुजफ्फरनगर की सरधना, बागपत की सिवाल खास और मेरठ की किठौर सीट पर है। इन तीनों सीटों को साधने के लिए पार्टी लगातार रणनीति बना रही है। मुजफ्फरनगर में हालिया सभा के जरिए संकेत दिए गए, वहीं बागपत की रैली से आगे का संदेश जाएगा। इन सीटों पर मजबूत पकड़ बनाकर रालोद 2027 में ज्यादा सीटों की दावेदारी करना चाहती है।
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सकौती के बाद बदली रणनीति
मेरठ के सकौती में हुई जाट सभा के बाद सियासी समीकरण बदले हैं। माना जा रहा है कि उस सभा के संकेतों को संतुलित करने के लिए जयंत चौधरी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी अब उन इलाकों पर ज्यादा फोकस कर रही है, जहां उसका पारंपरिक वोट बैंक मजबूत रहा है। यह रणनीति भाजपा को अपनी ताकत दिखाने और गठबंधन में बेहतर हिस्सेदारी पाने की कोशिश भी मानी जा रही है।
मेरठ और किठौर पर भी नजर
25 अप्रैल की रैली सिर्फ बागपत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर मेरठ तक जाएगा। सिवाल खास क्षेत्र मेरठ से भी जुड़ा है, जिससे जयंत एक साथ दो जिलों को साधने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा किठौर सीट पर भी पार्टी की नजर है, जहां भविष्य में बड़ा सियासी दांव खेला जा सकता है।
2027 के लिए ताकत दिखाने की तैयारी
कुल मिलाकर, जयंत चौधरी वेस्ट यूपी में अपनी सियासी ताकत दिखाने और 2027 के चुनाव में मजबूत दावेदारी पेश करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। लगातार रैलियों और सीटों पर फोकस से साफ है कि रालोद इस बार क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा रोल निभाने की तैयारी में है।