बिहार में सरकार गठन की कवायद काफी तेज हो चुकी है। इस भाजपा की दो मांगों को नीतीश कुमार मान गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा स्पीकर पद की डिमांड कर रही थी। स्पीकर पद पर जेडीयू भी दावा कर रही थी। इस जेडीयू को दावा छोड़ना पड़ा। स्पीकर पद को लेकर पेच फंसा था। इस पर भाजपा के मुताबित निर्णय हुआ।
सूत्रों ने दावा किया था कि जेडीयू की चाहत थी कि अगर स्पीकर पद पर भाजपा कोटे में जाए तो राज्य में डिप्टी सीएम एक ही है। मगर अब जैसा कि तस्वीर सामने आ रही है। उससे यह साफ हो रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम होने वाले हैं। बीजेपीं की इन दो मांगों पर सहमति बन चुकी है।
शपथ ग्रहण का इंतजार खत्म
अब बिहार में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का इंतजार खत्म हो चुका है। गुरुवार (20 नवंबर) को सुबह 11.30 बजे पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण का कार्यक्रम होगा। पीएम मोदी की इस दौरान मौजूद रहने वाले हैं। बीजेपी/एनडीए शासित राज्यों में सीएम भी इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शाामिल हो सकते हैं।
एनडीए ने नीतीश कुमार को चुना विधायक दल का नेता
बुधवार का दिन बिहार में सियासी रूप से काफी माना गया। जेडीयू के विधायक दल की बैठक में नतीश कुमार को नेता चुना गया। भाजपा की विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता माना गया। इसके बाद बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए के विधायक शाामिल हुए। यहां पर नीतीश कुमार को एनडीए की ओर से विधायक दल का नेता माना गया।
राजभवन में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया
एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने राजभवन में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सौंपा गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्यपाल को एनडीए विधायकों के समर्थन वाले पत्र को सौंपा। उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। 20 नवंबर को गांधी मैदान में सीएम पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार। पहले की तरह इस बार भी सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम उनके साथ काम करेंगे।