देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में जेईई की परीक्षा भी शामिल है। जो बच्चें इस परीक्षा की तैयारी करते हैं वे अपनी सारी क्षमता इस परीक्षा को क्रैक करने में लगा देते हैं। इस परीक्षा में जितनी मेहनत परिक्षार्थी की लगती है उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका पैरेंट्स भी निभाते हैं। परंतु बहुत सी ऐसी अहम बातें भी हैं जिन्हें तैयारी करने वाले परिक्षार्थी ही नहीं बल्कि अभिभावक भी नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इस कारण बच्चे परिक्षा में अच्छा रिज़ल्ट नहीं ला पाते। आइये जानते हैं एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई बच्चों और पैरेंट्स के लिए महत्वपूर्ण टिप्स।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जेईई की परीक्षा केवल मेहनत से ही क्रैक नहीं की जा सकती। इस परीक्षा में सफल होने के लिए मेहनत के साथ रुचि, सही रणनीति और अपनी क्षमता की समझ होनी भी जरुरी है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि किन बच्चों को JEE की तैयारी करनी चाहिए। साथ ही ऐसे परिक्षार्थियों के पैरेंट्स को क्या करना चाहिए यह समझना भी बहुत जरुरी हो जाता है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की वो 6 जरूरी बातें।
ये बच्चें ना करें तैयारी
जेईई की तैयारी करने वाले छात्रों को सोच समझकर ही इस परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। ज्यादातर छात्र केवल दूसरों को देखकर इस परीक्षा की तैयारी में बिना किसी प्रॉपर गाइड़ेस के जुट जाते हैं जिस कारण वे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। यह भी देखा गया है कि कई बच्चे सिर्फ़ पैरेंट्स के दबाव में आकर इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर देते हैं जिससे वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे बच्चों को जेईई की तैयारी नहीं करनी चाहिए। IIT दिल्ली के प्रो. गणेश बागलेर कहते हैं कि जो बच्चे जेईई से संबंधित विषयों में नैचरली ही अच्छे होते हैं और इंजीनियरिंग में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें ही इस परीक्षा की तैयारी करने के बारे में सोचना चाहिए।
इन गलतियों को ना करें नज़रअंदाज़
जेईई की तैयारी करने वाले ज्यादातर छात्र रोज कई घंटों पढ़ाई करने के बाद भी सफल नहीं हो पाते। इसकी वजह तैयारी करते समय की गई कुछ ऐसी गलतियां हैं जिसे नज़रअंदाज़ करने से उनके रिज़ल्ट पर असर पड़ता है। सबसे पहली गलती यह है कि कई बच्चे विषय का वेटेज देखे बिना ही पढ़ाई शुरू कर देते हैं। साख ही वे रिवीजन को ज्यादा अहमियत नहीं देते जिससे वे असफल हो जाते हैं। कुछ ऐसे छात्र भी हैं जो पढ़ाई की क्वालिटी को नहीं बल्कि घंटें गिनने पर ध्यान देते हैं। ऐसा करना सबसे बड़ी गलती है। यह भी देखा गया है कि कई बार कॉन्सेप्ट ठीक से समझे बिना ही छात्र आगे बढ़ जाते हैं और एग्जाम के नज़दीक आने पर वे सिर्फ सिलेबस कम्पलीट करने पर ध्यान देते हैं। वे नए टॉपिक पढ़ने लगते हैं और रिवीजन को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
टॉपर टिप- जेईई में 54वीं रैंक हासिल करने वाले गर्व पाहवा का कहना है कि एग्जाम पास आने पर नए विषयों को पढ़ने की बजाय जिन टॉपिक्स को आपने तैयार कर रखा है, उन्ही को कई बार रिवाइज़ करें। साथ ही अपने टीचर की गाइडेंस को फॉलो करें। ऐसा करने से आपकी परीक्षा की तैयारी पर अच्छा असर पड़ेगा।
तैयारी के लिए जरुरी बातें
जिन बच्चों को इंजीनियरिंग में रुचि है और वे अपना करियर इसी में बनाने की इच्छा रखते है उन्ही छात्रों को जेईई की परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। जेईई के मुख्य विषय में मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री आते हैं और जिन छात्रों की इन विषयों में रुचि और अच्छी पकड़ होती है, वही इस परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। इस परीक्षा में छात्र का समर्पण, लगातार मेहनत और नियमित पढ़ाई ही उसे सफलता दिलाती है।
पैरेंट्स इन बातों का रखे ध्यान
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोई भी परीक्षा केवल उस परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की नहीं होती। उनके साथ अभिभावक भी परीक्षा में बेहद महत्वपूर्ण योगदान निभाते हैं। ऐसे में पैरेंट्स की सही भूमिका क्या होनी चाहिए इसपर भी एक्सपर्ट्स ने अपनी राय दी है। वे कहते हैं कि कई बार पैरेंट्स की ओर से भी ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिससे छात्र की मेहनत पर असर पड़ता है। सबसे पहले तो पैरेंट्स को यह समझना होगा कि यदी उनके बच्चे की इसमें रुचि ही नहीं है तो उन्हें उसपर दबाव नहीं डालना चाहिए। साथ ही पैरेंट्स को ध्यान देना होगा कि तैयारी के दौरान बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और ऐसे में उन्हें मानसिक तनाव से बाहर लाने में पैरेंट्स को अहम भुमिका निभानी चाहिए। साथ ही माता-पिता को बच्चों पर उम्मीदों का दबाव डालने के बजाय उन्हें सहयोग करना चाहिए ताकि बच्चा नकारात्मक विचारों से बच सके। पैरेंट्स को एक सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिससे बच्चों का आत्मविश्वास कमजोर ना हो।
टॉपर टिप- जेईई क्रैक कर चुके आरुष पाहवा का कहना है कि जिन बच्चों को इस फील्ड में रुचि ही नहीं है उसे इस परीक्षा की तैयारी नहीं करानी चाहिए। साथ ही हर माता-पिता को इस बात को समझना होगा कि मेरा बच्चा जो कुछ भी कर रहा है, उसे वह किसी दबाव में रहकर या दुखी होकर तो नहीं कर रहा। इससे उसकी तैयारी और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है।
एक्सपर्ट्स द्वारा खास टिप्स
1. एक सही रुटीन को फॉलो करके इस परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया जा सकता है।
2. टीचर द्वारा बताई गई रणनीति को फॉलो करें और पढ़ाई के लिए प्रॉपर स्लॉट बनाकर प्लानिंग के साथ पढ़ाई करें।
3. कंटेंट की क्वालिटी के अनुसार पढ़ाई करें ना की घंटों को देखकर।
4. कॉन्सेप्ट ठीक से समझे, प्रैक्टिस और रिवीजन करते रहें।
5. पढ़ाई के दौरान बीच-बीच में छोटा सा ब्रेक लेना भी जरूरी है। ऐसा करने से फोकस करने में मदद मिलती है।
6.परीक्षा की तैयारी करते समय कई तरह के मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में अपने मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए मेडिटेशन करें। साथ ही अपने शारिरिक संतुलन पर भी ध्यान देना जरुरी है।
7. फोकस के साथ निरंतर मेहनत करने वाले छात्र ही परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन कर पाते हैं।
8. केवल ट्रेंड को फॉलो करके, दूसरों को देखकर या किसी के दबाव में आकर इस परीक्षा की तैयारी में ना जुटे।