
नवी मुंबई के मैदान पर 30 अक्टूबर की शाम जेमिमा रॉड्रिग्ज ने जो किया, वो किसी करिश्मे से कम नहीं था. जेमिमा ने अपनी धुंआधार बल्लेबाजी से उस मैच की बाजी पलट कर रख दी, जिसमें जीत का टारगेट एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था. भारत क्या दुनिया की किसी टीम ने इससे पहले 339 रन महिला क्रिकेट में चेज नहीं किए थे. लेकिन नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरी जेमिमा के इरादे अलग ही थे. उसने अपनी शतकीय पारी से भारत को फाइनल का टिकट दिलाने के लिए ऑस्ट्रेलिया से मिले वर्ल्ड रिकॉर्ड टारगेट को भी बौना साबित कर दिया.
मैच जीतने के बाद इमोशनल नजर आईं जेमिमा
भारतीय महिला टीम को मैच जिताने के बाद जेमिमा रॉड्रिग्ज लगातार इमोशनल होती हुई नजर आईं. यही नहीं उनका वो इमोशन प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी किसी से छुप ना सका. जेमिमा मैच के बाद लगातार अपनी लाइफ से जुड़ी उनकी चीजों पर बात कर ही रही थीं, जिसके चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने वो बात शेयर की. इसके अलावा जेमिमा ने उन लोगों के बारे में बताया, जिन्होंने उनकी जिंदगी को बचाने और संवारने में अपना अहम योगदान दिया है.
"मम्मी और पापा ने मुश्किल हालात में मुझे संभाला"
भारतीय महिला टीम की ये स्टार बल्लेबाज उस वक्त पूरी तरह से टूट चुकी थी, जब साल 2022 में हुए वनडे वर्ल्ड कप की टीम से उन्हें ड्रॉप कर दिया गया था. जेमिमा ने बताया कि वो स्ट्रेस का शिकार हो गईं थीं. वे अक्सर रोती ही रहती थीं मगर आज वो अपने मम्मी-पापा को थैंक्स कहना चाहेंगी, जिन्होंने उस मुश्किल हालात में उन्हें संभाला. स्ट्रेस एक बीमारी है, जिसकी गंभीरता जान भी ले सकती हैं. अधिक चिंता शरीर को नुकसान पहुंचाती है और मौत की वजह भी बन सकती है लेकिन जेमिमा के लिए चिंता की उस घड़ी में उनके मम्मी-पापा ने बड़ा रोल प्ले किया.
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मम्मी-पापा और ये 3 दोस्त
जेमिमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे कहा कि मम्मी-पापा के अलावा मुश्किल की उस घड़ी में उनकी दोस्त और टीम मेट अरुंधती रेड्डी ने भी उनका काफी ख्याल रखा. जेमिमा ने बताया कि बल्लेबाजी की फॉर्म को लेकर चिंता हुई तो स्मृति मंधाना ने उससे बाहर निकलने में मदद की. उन्होंने बताया कि मंधाना उन्हें काफी अच्छे से समझती हैं. मंधाना ने उनके साथ नेट्स पर काफी प्रैक्टिस की है. जेमिमा ने पांचवां और आखिरी नाम राधा यादव का लिया.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जेमिमा रॉड्रिग्ज ने जब अपने करियर की नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट इतिहास की एक बेशकीमती पारी खेली. तो अचानक से ही वो सभी बातें उनके सामने आ गई और वो फफक-फफक कर रोने भी लगीं.