दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश को आज बड़ी सौगात मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के साथ ही उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य बन गया है। इसे सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की नई शुरुआत माना जा रहा है।
विशाल प्रोजेक्ट ने खींचा ध्यान
यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। करीब 11282 करोड़ रुपये की लागत से इसके पहले चरण का निर्माण हुआ है। पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 29560 करोड़ रुपये आंकी गई है। 7200 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट आकार के मामले में न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क से कई गुना बड़ा बताया जा रहा है।
यात्रियों के लिए बड़ी राहत
शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है। आने वाले समय में इसकी क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक करने की योजना है। इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों को सीधा फायदा मिलेगा।
कनेक्टिविटी का नया हब बनेगा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया गया है। यहां रोड, रेल, मेट्रो और रीजनल ट्रांजिट सिस्टम को एक साथ जोड़ा जाएगा। इससे यात्रा आसान होगी और समय के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट लागत में भी कमी आएगी।
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निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद जताई जा रही है। करीब 50000 करोड़ रुपये तक निवेश आने की संभावना है। साथ ही फिल्म सिटी और अन्य औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के जरिए हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
ग्लोबल पहचान की ओर बढ़ता कदम
इस एयरपोर्ट के जरिए लंदन, न्यूयॉर्क और दुबई जैसे बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी संभव होगी। इससे यह इलाका ग्लोबल हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला गेम चेंजर साबित हो सकता है।