ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के आसपास बड़े विकास की तैयारी चल रही है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 'जापान सिटी' और 'सिंगापुर सिटी' विकसित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। दोनों परियोजनाओं के लिए लगभग 500-500 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। फिलहाल यह प्रस्ताव सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में है।
किन सेक्टरों में बनेंगी ये दोनों सिटी?
प्रस्ताव के अनुसार, सेक्टर-5A में करीब 500 एकड़ क्षेत्र में जापान सिटी और सेक्टर-7 में 500 एकड़ क्षेत्र में सिंगापुर सिटी विकसित करने की योजना है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है। परियोजना का विकास EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर किए जाने का प्रस्ताव है।
औद्योगिक विकास पर रहेगा सबसे ज्यादा जोर
YEIDA की योजना के मुताबिक, दोनों सेक्टरों को इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना में कम से कम 70 प्रतिशत जमीन औद्योगिक उपयोग के लिए रखी जाएगी। इसके अलावा सीमित हिस्से में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि उद्योगों के साथ जरूरी बुनियादी ढांचा भी तैयार हो सके।
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निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद
इन परियोजनाओं के शुरू होने से देश-विदेश की कंपनियों के निवेश की संभावना बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी इन दोनों प्रस्तावित शहरों को औद्योगिक गतिविधियों के लिए आकर्षक बना सकती है।
प्रॉपर्टी बाजार पर भी रहेगी नजर
रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है और विकास कार्य तय समय पर आगे बढ़ता है, तो आसपास के इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, प्रॉपर्टी की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह परियोजना की प्रगति, सरकारी मंजूरी और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।
अभी मंजूरी मिलना बाकी
फिलहाल जापान सिटी और सिंगापुर सिटी की योजना प्रस्ताव के चरण में है। सरकार से मंजूरी मिलने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विकास कार्य शुरू होगा। इसलिए निवेश या प्रॉपर्टी से जुड़े किसी भी फैसले से पहले आधिकारिक घोषणाओं और परियोजना की प्रगति पर नजर रखना जरूरी होगा।