मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के भामल गांव में कुएं का दूषित पानी पीने से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ग्यारस के उपवास के चलते ग्रामीणों ने केवल कुएं का पानी पिया था, जो संभवतः बारिश के चलते दूषित हो गया था। इस हादसे ने गांव में दहशत और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
दूषित पानी पीने से बिगड़ी ग्रामीणों की तबीयत
झाबुआ जिले के थांदला जनपद की ग्राम पंचायत भामल में शनिवार को कुएं से जल आपूर्ति की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, ग्यारस पर उपवास के चलते किसी ने खाना नहीं खाया था और सभी ने केवल कुएं का पानी ही ग्रहण किया। देर शाम से एक-एक कर ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त की शिकायत पर परिजन उन्हें पेटलावद और अन्य अस्पतालों में ले गए।
60 वर्षीय बुजुर्ग की गांव में ही मौत
पीड़ितों में शामिल नाहर सिंह पिता लाल सिंह खेर (60 वर्ष) की हालत बिगड़ने पर गांव में ही मौत हो गई। अन्य बीमारों का उपचार सरकारी और निजी अस्पतालों में जारी है। जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पानी के स्रोत और पीड़ितों से चर्चा की।
दूषित जलापूर्ति बनी हादसे की वजह?
गांव में हुई अचानक बीमारियों को लेकर आशंका जताई जा रही है कि बारिश के कारण कुएं का पानी दूषित हो गया होगा। जिस दिन की जल आपूर्ति के बाद हादसा हुआ, उसी दिन बारिश भी दर्ज की गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और पंचायत को फिलहाल जल वितरण रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अमला अलर्ट पर है। गांव में मेडिकल टीम भेज दी गई है और अन्य ग्रामीणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को उबाल कर पानी पीने की सलाह दी जा रही है।