Supreme Court Notice JPSC Exam: झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। बता दें कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसे लेकर अब सुनवाई करते हुए कोर्ट ने झारखं़ सरकार समेत बाकी पक्षों से जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने दायर की है। जिसमें परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच करने की मांग की गई है। इसको लेकर लंबे समय से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी याचिका
19 अप्रैल को आयोजित हुई प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। साथ ही एग्जाम से जुड़े सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और संबंधित कागजात को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग की गई थी, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। बता दें कि इस याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछे ये सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि झारखंड में छात्र लगातार परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसपर चीफ जस्टिस ने सवाल पूछा कि क्या मामला एक से अधिक परीक्षाओं से जुड़ा है? इस पर वकील मनन ने कहा कि एक परीक्षा झारखंड लोक सेवा आयोग की है, जबकि दूसरी स्टाफ सलेक्शन परीक्षा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि न्यायिक सेवा परीक्षा भी क्या लोक आयोग आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि अदालत इस पहलू के लिए ज्यादा चिंतित है।
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क्या है याचिकाकर्ता की मांग?
मामले को लेकर याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले में या तो सीबीआई जांच हो या सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायधीश की निगरानी में इसकी जांच हो। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि, पूर्व न्यायधीश से इस मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है? कहा कि यह केवल जांच पड़ताल नहीं बल्कि जांच का मामला है। इसमें फोरेंसिक जांच की जरूरत पड़ सकती है और ये काम किसी सक्षम एजेंसी के जरिए ही कराना चाहिए।
ये भी हैं मांगे
- याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि जेपीएससी की 19 अप्रैल को हुई प्रीलिम्स परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया जाए।
- एग्जाम की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटार्यड जज, या झारखंड राज्य के बार के किसी हाई कोर्ट के रिटार्यड चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए।
- याचिका में ये भी मांग की गई है कि सीबीआई इस प्रीलिम्स परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की एक इंडिपेंडेंट, निष्पक्ष और टाइम बाउंड जांच करें।