Jharkhand Student Protest Live: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। सोमवार को रांची में बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे। JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर अपनी मांगों पर सरकार से कई दौर की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कई छात्र बैरिकेड पार कर विधानसभा परिसर के आसपास पहुंचने में भी कामयाब रहे।
पांच घंटे की बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार की विशेष कमेटी के बीच रविवार को करीब पांच घंटे तक तीन दौर की बातचीत हुई। सरकार का दावा है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इनमें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करने, TDPL एजेंसी से जुड़ी परीक्षाओं की जांच कराने तथा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने जैसी मांगें शामिल हैं। इसके बावजूद छात्र संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया।
JSSC-CGL और CBI जांच पर अटका मामला
छात्र प्रतिनिधियों की मुख्य मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की CBI जांच कराना शामिल है। सरकार इस मांग पर सहमत नहीं हुई है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कहना है कि CGL परीक्षा न्यायपालिका की निगरानी में आयोजित हुई थी। ऐसे में राज्य सरकार के पास परीक्षा रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है। इसी मुद्दे पर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच सबसे बड़ा मतभेद बना हुआ है।
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विधानसभा के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। नई विधानसभा के आसपास 750 मीटर के दायरे में, झारखंड हाईकोर्ट को छोड़कर, भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू की गई। प्रदर्शनकारियों को पुरानी विधानसभा के पास एकत्र होकर शांतिपूर्ण तरीके से नई विधानसभा की ओर मार्च करने की अपील की गई थी। हालांकि आगे बढ़ने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई और बैरिकेडिंग के जरिए छात्रों को रोकने की कोशिश की गई।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी से बढ़ा मामला
छात्र आंदोलन के बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते की गिरफ्तारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, CID ने उन्हें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली TDPL कंपनी को लेकर अनियमितताएं हुई थीं। छात्रों की मांगों और जांच की कार्रवाई के बीच अब सरकार पर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।