Jio Platforms IPO Record : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने शेयर बाजार में खूब चर्चा बटोरी है। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से ऐसा रिस्पॉन्स मिला कि कई रिकॉर्ड पीछे छूट गए। 23 अक्टूबर को इश्यू बंद होने तक इसे 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। करीब 1.39 करोड़ आवेदन आने की बात भी सामने आई है। इतने बड़े आंकड़ों ने बाजार का ध्यान खींचा है।
30,213 करोड़ रुपये का है आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने 27 करोड़ नए शेयर जारी किए। इसके लिए शेयर का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये रखा गया था। ऊपरी कीमत के हिसाब से कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है। यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ। इश्यू के जरिए जुटाई जाने वाली रकम कंपनी के कारोबार के विस्तार और दूसरी जरूरतों में काम आएगी।
बड़े निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
इस आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों की मांग सबसे मजबूत रही। उनके लिए आरक्षित हिस्सा 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 14 गुना और छोटे निवेशकों की श्रेणी में 2.72 गुना बोली लगी। मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 7.60 गुना और कर्मचारियों का हिस्सा 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ। आंकड़े बताते हैं कि हर श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले ज्यादा मांग रही।
7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग
जियो के आईपीओ में सिर्फ आवेदन की संख्या ही नहीं, बल्कि बोलियों की रकम भी चर्चा में रही। सार्वजनिक इश्यू और एंकर निवेशकों की बोलियां मिलाकर कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि बोलियों की कुल रकम कंपनी की कमाई या वास्तव में जुटाई गई रकम नहीं होती। यह निवेशकों की तरफ से लगाई गई मांग को दिखाती है।
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28 अक्टूबर को होगी शेयरों की लिस्टिंग
अब निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग पर है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होने वाले हैं। शेयरों की आवंटन प्रक्रिया 26 अक्टूबर को पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, आईपीओ को मिली बड़ी मांग का मतलब यह नहीं है कि लिस्टिंग पर मुनाफा पक्का है। ग्रे मार्केट प्रीमियम भी केवल एक अनौपचारिक संकेत है। निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले कंपनी के कारोबार, कीमत और जोखिम को समझना चाहिए।