CEO of Ram Mandir Trust: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किए गए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने पद संभालने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की सेवा की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। जितेंद्र मिश्रा ने चयन समिति का आभार जताते हुए कहा कि वह अपनी पूरी क्षमता के साथ मंदिर और राम भक्तों के लिए बेहतर काम करने का प्रयास करेंगे। भारतीय वायुसेना में करीब 43 साल की सेवा के बाद मिली इस नई जिम्मेदारी को उन्होंने भगवान राम का आशीर्वाद बताया।
भगवान राम का आशीर्वाद माना
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि कई उम्मीदवारों में से उनका चयन होना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं। उनके मुताबिक, वायुसेना में देश की लंबे समय तक सेवा करने के बाद अब श्री राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए वह पूरी मेहनत करेंगे।
ट्रस्ट में महासचिव और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी बदली
इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव के तौर पर काम कर रहे कृष्ण मोहन ने अपना पद छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि वह 6 जुलाई से अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब महाराज गोविंददेव गिरि को नया महासचिव और महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
नए सदस्य मदन मोहन पांडे ने जताई खुशी
ट्रस्ट के नए सदस्य मदन मोहन पांडे ने भी इस बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश और दुनिया के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लंबे संघर्ष को याद करते हुए कहा कि यह सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है कि लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ।
मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं पर रहेगा जोर
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत है। नए CEO के सामने मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने, ट्रस्ट से जुड़े कार्यों के बेहतर संचालन और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। जितेंद्र मिश्रा ने संकेत दिया है कि वह अपनी सैन्य सेवा के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मंदिर से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की कोशिश करेंगे।