
Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने गठबंधन से अलग होकर अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने ऐलान किया कि जेएमएम बिहार की छह विधानसभा सीटों — चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई — पर स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरेगी। भट्टाचार्य ने कहा कि गठबंधन में लंबे समय से “अविश्वास और विरोधाभास” की स्थिति बनी हुई है, इसलिए अब पार्टी अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी।
महागठबंधन के अंदर बढ़ी कलह
सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन के अंदरूनी मतभेद चरम पर हैं। राजद, कांग्रेस और वाम दल कई सीटों पर एक-दूसरे से भिड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब सात सीटों पर घटक दल आमने-सामने हैं, जिनमें लालगंज, वैशाली, राजापाकर, बछवाड़ा, रोसरा और बिहारशरीफ की सीटें प्रमुख हैं। सीट बंटवारे को लेकर असहमति इतनी बढ़ गई है कि कई उम्मीदवारों ने बगावत का रास्ता अपना लिया है।
सिकंदरा सीट पर खुला मोर्चा
सिकंदरा विधानसभा सीट पर विवाद ने गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने यहां से विनोद चौधरी को टिकट दिया था, जबकि आरजेडी के सिंबल पर पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी ने नामांकन दाखिल कर दिया। इससे स्पष्ट है कि महागठबंधन की स्थिति अस्थिर हो गई है। वहीं, जेएमएम का अलग होकर चुनाव लड़ने का निर्णय बिहार की राजनीति में नए समीकरण खड़े कर सकता है।