Jodhpur sadhvi death case: राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत को लेकर पुलिस ने आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार फोरेंसिक और चिकित्सकीय जांच में अब तक किसी साजिश या जहर देने के संकेत नहीं मिले हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति बताया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जांच की गई और कई स्तरों पर तथ्यों की पड़ताल की गई।
बाहरी कारण से इनकार
पुलिस कमिश्नर Omprakash Paswan ने बताया कि एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में किसी विषैले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही यह भी कहा गया कि यौन शोषण जैसी किसी आशंका के प्रमाण नहीं मिले हैं। जांच एजेंसियों ने सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल के बाद यह निष्कर्ष सार्वजनिक किया है।
इंजेक्शन पर सवाल
जांच के दौरान सामने आया कि एक नर्सिंगकर्मी द्वारा लगाया गया इंजेक्शन शेड्यूल एच श्रेणी का था, जिसे अधिकृत चिकित्सकीय परामर्श के बिना नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि पुलिस का कहना है कि क्या इस इंजेक्शन का कार्डियक या पल्मोनरी अरेस्ट से सीधा संबंध है, इस पर विशेषज्ञों की अंतिम राय अभी आनी बाकी है।
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एसआईटी जांच
मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) ने की। अब तक 44 लोगों से पूछताछ की गई और 106 मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की गई। पुलिस के अनुसार साध्वी के पिता द्वारा घटना के बाद किए गए फोन भावनात्मक स्थिति में किए गए थे और उनकी भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह बंद नहीं हुई है। विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। यदि चिकित्सकीय लापरवाही के संकेत मिलते हैं तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की आगे की पड़ताल जारी है।