दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपचाराधीन घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना और इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी बातचीत की। इससे पहले वह CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगें भी सुन चुके हैं। इस बीच प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
घायल प्रदर्शनकारियों से मिले जेपी नड्डा
संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को RML अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती युवाओं से उनकी स्थिति की जानकारी ली और इलाज कर रही मेडिकल टीम से भी बातचीत की। नड्डा ने घायलों के उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। इससे पहले उन्होंने CJP के प्रतिनिधियों सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की थी।
संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे राजधानी के कई इलाकों में अव्यवस्था का माहौल बन गया।
कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
घटना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है और विपक्ष की चर्चा की मांग को स्वीकार नहीं कर रही।
शशि थरूर बोले- संसद में हो खुली चर्चा
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि संसद देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है। उनके अनुसार, यदि ऐसे गंभीर मामलों पर सदन में चर्चा नहीं होगी तो लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि गतिरोध समाप्त करने के लिए संसद में इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
राजनीतिक हलचल के बीच आगे की रणनीति पर नजर
घायल प्रदर्शनकारियों से जेपी नड्डा की मुलाकात के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। एक ओर सरकार घायलों की स्थिति की जानकारी ले रही है, वहीं विपक्ष पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक गलियारों में बहस जारी रहने की संभावना है।