
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चल रही बहस के दौरान सियासी गरमाहट चरम पर पहुंच गई जब सदन में नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे पर जोरदार हमला बोला. नड्डा ने कहा कि वो मल्लिकार्जुन खरगे का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान दिया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है.
खरगे की टिप्पणी पर नड्डा की तीखी प्रतिक्रिया
जेपी नड्डा ने कहा,"मैं विपक्ष के नेता खरगे जी का आदर करता हूं, वो वरिष्ठ नेता हैं. लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में बयान दिया, उससे उनकी पीड़ा झलकती है." नड्डा ने इस दौरान यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और आज भारत को जिस वैश्विक मान्यता और सम्मान के साथ देखा जा रहा है, उसका श्रेय उन्हीं को जाता है.
“ऑपरेशन सिंदूर” बना सियासी बहस का केंद्र
दरअसल राज्यसभा में चल रही बहस ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्रित थी जो सीमा पार आतंकवाद और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में स्थित आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर है. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार जहां इसे "साहसी कदम" बता रही है, वहीं विपक्ष कई सवाल उठा रहा है, खासतौर पर ऑपरेशन की टाइमिंग और राजनीतिक उद्देश्य को लेकर. बता दें कि मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात में प्रधानमंत्री की भूमिका और सरकार की नीयत पर सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि "देश की सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई पर राजनीति करना अनुचित है."
"दुनिया मोदी जी को सुनती है, यही विपक्ष को अखरता है"
जेपी नड्डा ने आगे कहा, "आज जब प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलते हैं, तो पूरा विश्व उन्हें सुनता है. जब वो अमेरिका, जापान, फ्रांस या यूएई जाते हैं, तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत के साथ खड़े दिखते हैं. विपक्ष को यही बात खलती है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत एक वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है और दुनिया भारत को "निर्णायक नेतृत्व" के रूप में देखती है.
विपक्ष की आलोचना पर भाजपा का रुख
भाजपा ने लगातार यह आरोप लगाया है कि विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर भी राजनीति कर रहा है. नड्डा के इस बयान को भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह एक तरफ सरकार के "साहसी निर्णय" को जनता के सामने रखना चाहती है और दूसरी ओर विपक्ष को "नकारात्मक राजनीति" करने वाला दिखाना चाहती है.
जेपी नड्डा के इस बयान ने राज्यसभा की बहस को नई दिशा दे दी है. अब देखना होगा कि मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस इस पर क्या जवाब देते हैं. इतना तय है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में बहस सिर्फ सैन्य कार्रवाई पर नहीं, बल्कि लोकप्रियता बनाम आलोचना की राजनीति का मंच बन चुकी है.