JPSC Recruitment Scam : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मामले की जांच कर रही सीआईडी की पूछताछ में मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने कई ऐसे दावे किए हैं, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कई दिनों से छात्र संगठन और अभ्यर्थी इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
OMR शीट में हेरफेर का दावा
सीआईडी की रिमांड पर चल रहे अभय तिवारी ने दावा किया है कि परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों को जानबूझकर OMR शीट खाली छोड़ने के लिए कहा जाता था। आरोप है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद इन OMR शीट को संबंधित कंपनी के कार्यालय में ले जाकर तकनीकी कर्मचारियों की मदद से सही उत्तर भरे जाते थे। इसके जरिए उम्मीदवारों के अंक बढ़ाकर उन्हें चयन सूची में जगह दिलाई जाती थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।
बिना टेंडर के कंपनी को मिला ठेका?
आरोपी ने यह भी आरोप लगाया है कि परीक्षा संचालन का जिम्मा एक ऐसी कंपनी को सौंपा गया था, जिसे पहले से ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। उसके अनुसार इस कंपनी को बिना नियमित प्रक्रिया और टेंडर के परीक्षा संचालन का काम दिया गया। आरोपों के मुताबिक परीक्षा से जुड़े डेटा और परिणामों में तकनीकी स्तर पर भी हस्तक्षेप किया गया, जिससे कुछ उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया जा सके।
50 लाख रुपये लेकर चयन कराने का आरोप
पूछताछ के दौरान अभय तिवारी ने दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों से कथित तौर पर 50 लाख रुपये तक लिए गए और बदले में उन्हें चयन दिलाने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि पैसे लेने के बाद कंप्यूटर डेटा में बदलाव कर उम्मीदवारों के अंक बढ़ाए जाते थे। यही नहीं, कुछ मामलों में कथित तौर पर उत्तर पुस्तिकाओं को बेहतर अंक दिलाने के लिए बाहरी लोगों और विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
बाहरी विशेषज्ञों से लिखवाए गए उत्तर?
मामले में एक और बड़ा दावा यह सामने आया है कि बिहार, हरियाणा समेत अन्य राज्यों से कुछ विशेषज्ञों को बुलाकर मुख्य परीक्षा के उत्तर लिखवाए गए। आरोप है कि इसके लिए करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। साथ ही कुछ प्रोफेसरों को भी कथित तौर पर संपर्क कर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में प्रभाव डालने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां इन सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल कर रही हैं।
इसे भी पढ़ें : Gambhir पर उठ रहे सवालों के बीच Harbhajan बने ढाल, बोले- जो दिल में है वही बोलते हैं Gautam
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल सीआईडी अभय तिवारी से लगातार पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। हालांकि आरोपी के दावों को अभी अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसी ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन सामने आए आरोपों ने भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।