Judges in Malda Were Surrounded: पश्चिम बंगाल के मालदा में प्रदर्शन के दौरान 7 न्यायिक मजिस्ट्रेटों को करीब 8 घंटे तक घेरकर रखने की घटना ने न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ते तनाव के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां इस पर कड़ी नाराजगी जताई गई।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न्यायिक प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप हैं और किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, SIR हटाने के विरोध में प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि प्रदर्शनकारियों ने न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया और उन्हें कई घंटों तक वहां से निकलने नहीं दिया। यह घटना शाम से लेकर देर रात तक चली, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठे।
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कोर्ट में उठा मामला
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस घटना को अदालत के सामने उठाया। इस दौरान अन्य वकीलों ने भी राज्य में अधिकारियों के तबादलों और हालात पर चिंता जताई। अदालत ने अखबार की रिपोर्ट के आधार पर भी इस मामले पर संज्ञान लिया।
सुरक्षा के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए। साथ ही मामले की जांच सीबीआई या एनआईए जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से कराने की अनुमति भी दी गई है।