जून महीने की शुरुआत आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम बदलावों के साथ हुई है। 1 जून से लागू हुए नए नियमों का असर घरेलू बजट, बैंकिंग सेवाओं, वाहन खरीदारी, सोलर सेक्टर और डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर दिखाई देगा। जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, वहीं कार खरीदना भी महंगा हो गया है। इसके अलावा बैंकिंग नियमों और यूपीआई ट्रांजैक्शन प्रक्रिया में हुए बदलाव उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
जून की शुरुआत के साथ तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें लागू कर दी हैं। घरेलू उपयोग वाले 14 किलोग्राम सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं, लेकिन 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ सकती है। वहीं एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार पीएनजी कनेक्शन लगने के बाद निर्धारित समयसीमा में एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
मारुति की कारें खरीदना अब होगा महंगा
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी जून की पहली तारीख से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। वाहन निर्माता कंपनी ने अपने कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतों में वृद्धि कर दी है। नई दरों के अनुसार विभिन्न मॉडलों पर अधिकतम 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को अब पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है।
बैंकिंग नियमों में बदलाव, कैश डिपॉजिट पर नई लिमिट
बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कुछ नियम भी 1 जून से बदल गए हैं। छोटे मूल्य के नोट और सिक्कों के कैश डिपॉजिट पर अब नई मासिक सीमा लागू कर दी गई है। निर्धारित सीमा से अधिक राशि जमा करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इस बदलाव का असर विशेष रूप से उन खाताधारकों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से बड़ी मात्रा में छोटे नोट या सिक्के बैंक में जमा करते हैं।
सोलर पैनल सेक्टर में नए मानक लागू
सोलर ऊर्जा क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए मानक लागू किए गए हैं। अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी आधारित परियोजनाओं में केवल स्वीकृत सूची में शामिल सोलर मॉड्यूल और सेल का उपयोग किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी, हालांकि उत्पादन लागत बढ़ने के कारण सोलर पैनलों की कीमतों में वृद्धि की संभावना भी बन सकती है।
UPI ट्रांजैक्शन में बढ़ेगी सुरक्षा
डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए यूपीआई सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब किसी भी यूपीआई भुगतान को अंतिम रूप देने से पहले लाभार्थी का बैंक खाते में दर्ज नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। इससे गलत खाते में पैसे भेजने की संभावना कम होगी और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।