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Jungle Trail Park: नोएडा में एक अनूठा "वेस्ट टू वाइल्डलाइफ" प्रोजेक्ट, नोएडा जंगल ट्रेल पार्क, अब आम जनता के लिए खुलने जा रहा है। सेक्टर-44 और सेक्टर-95 में महामाया फ्लाईओवर के पास, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ओखला पक्षी विहार के बीच 18.27 से 20 एकड़ में फैला यह पार्क, पर्यावरण संरक्षण, रोमांच, और शिक्षा का एक शानदार मिश्रण है।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट
जून 2024 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत नोएडा प्राधिकरण और Z-Tech कंपनी ने लगभग 15 से 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। इसमे 500 टन लोहे का स्क्रेप, प्लास्टिक व अन्य कबाड़ से 500 से 700 वन्य जीव तैयार किये गए हैं।
प्रकृति और कला का संगम
पार्क को चार थीम जोन में बांटा गया है: वॉटर जोन, जंगल जोन, डेजर्ट जोन, और पोलर रीजन, जो ट्रॉपिकल रेन फॉरेस्ट, ग्रासलैंड, वेटलैंड, आइसलैंड ओशियन, और टेम्प्रेट फॉरेस्ट जैसे प्राकृतिक परिदृश्यों को जीवंत करते हैं। खास बात यह है कि पार्क में 500 टन से अधिक स्क्रैप लोहे, प्लास्टिक, और कबाड़ से बनी 700-800 जानवरों की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इनमें शेर, चीता, हाथी, डायनासोर, गैंडा, मगरमच्छ, अजगर, पेंग्विन, जिराफ, मोर, भालू, पांडा, और रंग-बिरंगी चिड़ियां शामिल हैं। हल्के वार्निश कलर और विशेष लाइटिंग से सजी ये मूर्तियां रात में और भी आकर्षक दिखती हैं।
रोमांच और मनोरंजन का केंद्र
दिल्ली-NCR में पहला ऐसा पार्क है, जो नाइट जंगल सफारी का अनुभव प्रदान करता है। पर्यटक खुली जीप या ई-कार्ट के जरिए जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, जिपलाइन और रॉक क्लाइंबिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां भी उपलब्ध हैं। पार्क में बच्चों के लिए प्ले एरिया, पिकनिक स्पॉट, और कबाड़ से बने आउटडोर फर्नीचर व लाइटिंग की सुविधा है।
जोन और सुविधाएं
पार्क को तीन मुख्य जोन में बांटा गया है:
जोन-ए (4.05 एकड़): 1000 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, फूड कोर्ट, प्रदर्शनी क्षेत्र, और 8 बसों व 76 कारों की पार्किंग।
जोन-बी (8.77 एकड़): ट्रॉपिकल रेन फॉरेस्ट, ग्रासलैंड, और वेटलैंड थीम।
जोन-सी (5.45 एकड़): आइसलैंड ओशियन, टेम्प्रेट फॉरेस्ट, और पोलर रीजन थीम।
इन जोन को फुट ओवर ब्रिज और अंडरपास से जोड़ा गया है। पार्क में 500 वाहनों की पार्किंग सुविधा है, जो दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, और फरीदाबाद से आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाजनक है। प्रवेश शुल्क न्यूनतम 100 रुपये है, जबकि अतिरिक्त गतिविधियों के लिए अलग शुल्क देना होगा।
पर्यावरण और शिक्षा का संदेश
यह पार्क न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और रीसाइक्लिंग का एक जीवंत उदाहरण भी है। कबाड़ से बनी मूर्तियां पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाती हैं, जबकि बच्चों को जंगली जानवरों और प्राकृतिक पर्यावरण के बारे में शिक्षित करने का अनूठा मंच प्रदान करती हैं।
निर्माण और संचालन
पार्क का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और सितंबर 2025 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इसके आधिकारिक उद्घाटन की संभावना है। 20 जून 2025 से शुरू हुए ट्रायल रन के बाद इसे जल्स जनता के लिए खोला जाएगा। Z-Tech कंपनी पार्क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही है, और राजस्व के लिए दोनों के बीच एमओयू साइन हुआ है जिसके तहत हिस्सा नोएडा प्राधिकरण के साथ साझा किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण में हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर आनन्द मोहन के अनुसार इस प्रोजेक्ट में लगभग साढ़े तीन लाख पौधे लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में यह प्रोजेक्ट नोएडा शहर की अलग पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।