15 मई से ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। देवगुरु बृहस्पति और राहु इस सप्ताह राशि परिवर्तन कर रहे हैं, जिसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और मौसम पर पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह परिवर्तन भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला सकते हैं। बृहस्पति के मिथुन और राहु के कुंभ राशि में प्रवेश से चांडाल दोष खत्म होगा। वहीं नीच के मंगल के कारण 6 जून तक सतर्कता जरूरी बताई जा रही है। मई-जून के बीच मौसम भी असामान्य व्यवहार करेगा, लेकिन बड़े संकटों की संभावना नहीं है। यह परिवर्तन भारत के लिए बेहद शुभ माने जा रहे हैं।
बृहस्पति का मिथुन राशि में प्रवेश: व्यापार और अर्थव्यवस्था में वृद्धि
15 मई को सुबह 7.04 बजे बृहस्पति वृषभ से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि के स्वामी बुध व्यापार, वाणिज्य और निवेश के प्रतीक हैं। गुरु का सहयोग इन क्षेत्रों में तेजी लाता है। ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार, भारत की वैश्विक साख और आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
राहु का कुंभ राशि में प्रवेश: विदेश नीति पर सकारात्मक प्रभाव
18 मई को दोपहर 11.17 बजे राहु मीन से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। कुंभ शनि की राशि है और न्याय तथा अनुशासन की प्रतीक मानी जाती है। इस परिवर्तन से गुरु-राहु चांडाल दोष समाप्त होगा। विदेश नीति में भारत को अंतरराष्ट्रीय न्याय और समर्थन मिलेगा।
6 जून तक मंगल अशुभ: सावधानी बरतने की सलाह
फिलहाल मंगल नीच राशि में स्थित हैं, जिससे कुछ अशांति बनी रह सकती है। यह स्थिति 6 जून तक रहेगी। पं. गौतम ने बताया कि षड़यंत्री योग और त्रिग्रही योग भी राहु के राशि परिवर्तन से समाप्त हो जाएंगे। ग्रहों की यह स्थिति भारत के लिए शुभ संकेत दे रही है।
मौसम का बदलता मिजाज: हल्की गर्मी, बारिश की संभावना
ग्रहों की हलचल का असर मौसम पर भी पड़ेगा। मई में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जिससे तपन काल शुरू होगा। हालांकि इस दौरान भीषण गर्मी नहीं होगी। 30 मई से पुनः वर्षा के योग बन रहे हैं, जिससे नौतपा असरहीन रहेगा।
भारत के लिए ग्रहों का समर्थन: स्थिरता का एक नया युग
देवगुरु बृहस्पति और राहु का यह दुर्लभ राशि परिवर्तन भारत को आर्थिक, कूटनीतिक और न्यायिक क्षेत्रों में नई मजबूती देगा। शनि का भ्रमण भारत की प्रभाव राशि के अनुकूल है, जो देश को वैश्विक मंच पर न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में सशक्त बनाएगा।