Jyestha Purnima 2025: सनातन धर्म में वास्तू शास्त्र का भी एक बड़ा महत्व होता है. वहीं पूर्णिमा तिथि को चमत्कारी माना जाता है. कई ऐसे काम हैं यदि इस दिन कर लिए जाएँ तो जीवन में सुख-समृद्धि आने लगती है. यहां बात हो रही है ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा की..यानि 11 जून को इस बार पूर्णिमा तिथि पड़ रही है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि इस दिन सरसों के तेल का दीपक जलाने का बड़ा महत्व है. आज स्नान, दान, व्रत के साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है.
शाम को दीपक जलाने का ज्यादा महत्व
जानकारी के मुताबिक, आज शाम के समय कुछ उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है. ज्येष्ठ पूर्णिमा की शाम कुछ विशेष स्थानों पर सरसों तेल का दीपक जलाना वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत अच्छा माना जाता है.वास्तु शास्त्र के अनुसार, आज ज्येष्ठ पूर्णिमा की शाम घर के मुख्य द्वार पर सरसों तेल का एक-एक दीप द्वार के दोनों तरफ अवश्य जलाएं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आगमन आपके घर पर होगा.पितरों की आत्मा की शांति के लिए आप सरसों तेल का एक दीपक दक्षिण दिशा में भी जला सकते हैं.
उत्तर दिशा में जलाएं दीपक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर से संबंधित मानी जाती है। इसलिए पूर्णिमा की शाम इस दिशा में आपको दीपक अवश्य जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में पैसे की कमी दूर होती है। आपको करियर और पारिवारिक जीवन में भी उचित परिणाम मिलने लग जाते हैं।