Jyoti Malhotra History Family Pakistan Connection: पुलिस के शिकंजे में आई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान कनेक्शन कोई नया नहीं है. बल्कि कुछ समय पहले ज्योति का परिवार पाकिस्तान से ही भारत आया था. हाल ही में ज्योति को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. आर्मी इंटेलिजेंस की रिमांड में भी ज्योति ने कई ऐसे राज उगले. जिससे उसके पाकिस्तान कनेक्शन का शक पुख्ता होता है. यही नहीं उसके खातों में विदेशी मुद्रा का लेन-देन बताता है कि कैसे उसका पाकिस्तानी प्रेम जागृत होता रहता था.
ज्योति के परिवार का क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन?
जानकारी मिली है कि ज्योति का परिवार मूल रूप से पाकिस्तान का बाहवलपुर का रहने वाला है. जहां हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों ने आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया था. उपमहाद्वीप के बंटवारे के टाइम ही अन्य हजारों परिवारों की तरह ज्योति का परिवार भी भारत आ गया था.. उनके दादा बहावलपुर छोड़कर पंजाब के फरीदकोट में बसे, और बाद में हरियाणा के हिसार में जीवन शुरू किया.. जानकारी के मुताबिक हिसार सिविल अस्पताल में ज्योति के दादा को नौकरी मिल गई थी. जिसके बाद ये पूरी तरह हिसार में ही बस गए...
क्या रहा पारिवारिक इतिहास
देश के बंटवारे के दौरान ज्योति का खानदान मूल रूप से पाकिस्तान के बहावलपुर का रहने वाला था.. आपको बता दें कि ये वही बहावलपुर है जो बाद में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना बना और जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत निशाना बनाया... आपको बता दें कि ज्योति का पालन-पोषण गरीबी में हुआ. घर में इतने साधन नहीं थे कि वह अच्छे स्कूल में पढ़ भी सके..
ज्योति ने रिसेप्शनिस्ट के तौर पर शुरू किया करियर
ज्योति ने अपनी पढ़ाई के बाद रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करना शुरू किया था, लेकिन बाद में हालात ने उसे एक अलग राह पर धकेल दिया.. और वह फेमस यूट्यूबर बन गई. हालांकि इसके पीछे भी कई किस्से हैं. अब भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि ज्योति पाकिस्तान को भारत की खूफिया जानकारी भेजती थी..
भारत से पाकिस्तान तक कैसे पहुंची ज्योति?
ज्योति सोशल मीडिया पर ट्रैवलिंग वीडियो बनाकर अपनी पहचान बना रही थी। नए अनुभवों और देशों की तलाश में उसने पाकिस्तान जाने की योजना बनाई और वीज़ा के लिए आवेदन किया। यहीं से उसकी जिंदगी एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई। वीज़ा प्रक्रिया के दौरान उसकी मुलाकात पाकिस्तान के उच्चायोग में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी एहसान-उर-रहमान अलियास ‘दानिश’से हुई। जिसके बाद दोनों की दोस्ती बढ़ गई और वह देश से गद्दारी के लिए तैयार हो गई. हालांकि अभी मामले में जांच चल रही है. इसलिए कुछ कहना जल्दबाजी होगा...