Kailaras Sugar Mill ---मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में लंबे समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने मिल को ‘जैसी है, जहां है’ के आधार पर 30 साल की लीज पर देने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति यानी EOI आमंत्रित की है। सरकार को उम्मीद है कि मिल के दोबारा संचालन से क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और गन्ना किसानों, स्थानीय कारोबारियों तथा युवाओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
30 साल की लीज पर दी जाएगी मिल
कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की कवायद मध्य प्रदेश के MSME विभाग ने शुरू की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 19 अगस्त 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में मिल की जमीन MSME विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था। अब सरकार मिल को 30 वर्षों की लीज पर देने की तैयारी कर रही है। संतोषजनक प्रदर्शन रहने पर लीज अवधि आगे बढ़ाने का विकल्प भी रखा गया है।
15 सितंबर तक जमा कर सकेंगे प्रस्ताव
मिल को दोबारा शुरू करने में रुचि रखने वाली कंपनियों और निवेशकों के लिए आवेदन का पूरा कार्यक्रम जारी किया गया है। इच्छुक पक्ष 7 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक लिखित सवाल या स्पष्टीकरण भेज सकेंगे। EOI जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। इसके बाद 16 सितंबर को शाम 5 बजे प्राप्त प्रस्ताव खोले जाएंगे। प्रक्रिया के अगले चरण में इच्छुक पक्षों के लिए साइट विजिट सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी।
1250 मीट्रिक टन प्रतिदिन है पेराई क्षमता
कैलारस शुगर मिल मुरैना जिले में NH-552 पर स्थित है। कैलारस रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 3 किलोमीटर से भी कम बताई गई है। करीब 12.86 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस मिल की गन्ना पेराई क्षमता 1250 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। मिल परिसर में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट-मशीनरी, वर्कशॉप और बड़े गोदाम जैसी संपत्तियां मौजूद हैं।
किसानों और युवाओं को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि मिल के दोबारा शुरू होने से मुरैना और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ गन्ना किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। मिल के संचालन से जुड़े कारोबार और दूसरी गतिविधियों को गति मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।