
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक पैरामेडिकल कोर्स की छात्रा ने कथित तौर पर कॉलेज स्टाफ द्वारा परेशान किए जाने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया। गुस्से में आकर छात्रा कॉलेज की तीसरी मंजिल की बालकनी पर चढ़ गई, लेकिन समय रहते कॉलेज के स्टाफ, छात्रों और अन्य लोगों ने समझा-बुझाकर उसे नीचे उतार लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं।
कॉलेज के कुछ स्टाफ से परेशान थी छात्रा
थाना नॉलेज पार्क के अंतर्गत आने वाली यह घटना छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कैंपस में होने वाले उत्पीड़न के मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है। घटना गुरुवार (11 सितंबर 2025) दोपहर के आसपास कॉलेज परिसर में घटी। पैरामेडिकल कोर्स (संभावित रूप से नर्सिंग या लैब टेक्नीशियन) की छात्रा है, कथित तौर पर कॉलेज के कुछ स्टाफ सदस्यों द्वारा लगातार परेशान किए जाने से बेहद परेशान हो गई थी।
परिवार को दी गई सूचना
सोशल मीडिया पोस्ट्स और वायरल वीडियो के अनुसार, छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे अकारण डांटा-फटकाया जा रहा था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। नाराजगी के चरम पर पहुंचकर वह कॉलेज की तीसरी मंजिल की बालकनी पर चढ़ गई और नीचे कूदने की धमकी देने लगी। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि छात्रा बालकनी पर खड़ी होकर रो रही है और स्टाफ व छात्रों को चिल्ला रही है। आसपास के छात्र और स्टाफ ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने छात्रा को प्यार से समझाया, उसके हाथ पकड़े और धीरे-धीरे नीचे उतारा। पूरी घटना लगभग 7-8 मिनट की है और वीडियो में छात्रा की भावुकता और स्टाफ की तत्परता स्पष्ट दिख रही है। कोई चोट नहीं लगी, लेकिन घटना के बाद छात्रा को कॉलेज के मेडिकल रूम में ले जाया गया और उसके परिवार को सूचना दी गई।
हरासमेंट का लगाया आरोप
छात्रा के आरोप और परेशानी का कारण सोशल मीडिया पोस्ट्स के अनुसार, छात्रा ने स्पष्ट रूप से "हरासमेंट" (उत्पीड़न) का आरोप लगाया है। यह उत्पीड़न कथित रूप से अकादमिक दबाव, स्टाफ द्वारा अनुचित व्यवहार या अन्य व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कुछ पोस्ट्स में यह भी जिक्र है कि छात्रा "किसी बात से बेहद परेशान" थी, जो कैंपस में होने वाले मानसिक तनाव को इंगित करता है। ग्रेटर नोएडा के शैक्षणिक संस्थानों में हाल ही में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं, जो इस मामले को और गंभीर बनाती हैं।