मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पेयजल से फैले डायरिया संकट के बीच नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सियासी विवाद का कारण बन गया है। मीडिया के सवालों पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से खेद जताया, वहीं विपक्ष ने इसे संवेदनहीनता करार दिया है।
दूषित पानी से बिगड़े हालात, बढ़ी चिंता
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति के चलते डायरिया का गंभीर प्रकोप सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस संकट में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। कई मरीजों को निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। इलाके में डर और नाराजगी का माहौल है।
मीडिया के सवालों पर मंत्री का बदला अंदाज़
हालात की जानकारी लेने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुरुआत में संयमित नजर आए। लेकिन जैसे ही उनसे निजी अस्पतालों के इलाज खर्च और स्वच्छ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल पूछे गए, उनका लहजा बदल गया। इसी दौरान एक पत्रकार से बहस में उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया, जो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।
वीडियो वायरल होते ही बढ़ा विवाद
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने इसे जनप्रतिनिधि की गैर-जिम्मेदार भाषा बताया, जबकि कुछ ने हालात के दबाव का हवाला दिया। मामला राजनीतिक रंग लेने लगा और विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बना लिया।
खेद प्रकट कर बोले मंत्री
विवाद गहराने पर मंत्री विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया के जरिए सफाई दी। उन्होंने कहा कि बीते दो दिनों से वे और उनकी टीम लगातार हालात सुधारने में जुटी है। क्षेत्र में हुई मौतों और लोगों की पीड़ा से वे मानसिक तनाव में थे, इसी कारण उनसे गलत शब्द निकल गए। उन्होंने अपने बयान के लिए खेद व्यक्त किया।
इस्तीफे की मांग, सियासत तेज
इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वायरल वीडियो साझा करते हुए कहा कि जनता जहरीले पानी से मर रही है और सरकार सवाल पूछने वालों पर नाराज हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की है। वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से फिलहाल औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।