Kalashtami 2026: हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव की उपासना करने से जीवन में आने वाली बाधाओं से छुटकारा पाने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने की कामना की जाती है। इस बार कालाष्टमी का व्रत 2 नवंबर 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक परंपराओं में भैरव भगवान के दो प्रमुख स्वरूप बताए गए हैं, काल भैरव और बटुक भैरव। कालाष्टमी पर विशेष रूप से काल भैरव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और कुछ विशेष उपाय अपनाने से मन में व्याप्त भय दूर करने, पारिवारिक परेशानियों से राहत पाने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की जाती है। आइए जानते हैं कालाष्टमी के दिन किए जाने वाले पांच उपायों के बारे में।
1. कारोबार में तरक्की के लिए करें यह उपाय
यदि आप अपने कारोबार को दूसरे शहरों या विदेशों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो कालाष्टमी के दिन किसी भैरव मंदिर में जाकर पूजा करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान भैरव को सवा सौ ग्राम साबुत उड़द अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके बाद उनमें से 11 दाने निकालकर काले कपड़े में बांध लें और अपनी दुकान या कार्यालय की तिजोरी में रख दें।
मंत्र: ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।
2. सुख-सुविधाओं में वृद्धि के लिए जलाएं दीपक
जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ाने और घर में खुशहाली की कामना करने वाले लोग कालाष्टमी पर भैरव बाबा के सामने सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। इसके लिए मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करें। दीपक जलाते समय भैरव मंत्र का दो बार जाप करें और अपने जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा के साथ की गई पूजा से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक भाव बनाए रखने में मदद मिलती है।
3. भय से मुक्ति के लिए अपनाएं यह तरीका
अगर आप अक्सर किसी अनजाने डर या भय से परेशान रहते हैं, तो कालाष्टमी के दिन भैरव बाबा की पूजा कर सकते हैं। परंपरा के अनुसार, पूजा के समय एक काला धागा भैरव जी के चरणों में रखें और पांच मिनट तक मंत्र का जाप करें। इसके बाद धागे को उठाकर अपने दाएं पैर में बांध लें।
मंत्र: ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।
4. जीवनसाथी की परेशानियां दूर करने के लिए करें पूजा
यदि आपके जीवनसाथी किसी परेशानी से गुजर रहे हैं और इसका असर आपके पारिवारिक जीवन पर भी पड़ रहा है, तो कालाष्टमी के दिन भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ स्थान पर आसन बिछाकर शिव जी के सामने बैठें और शिव चालीसा का पाठ करें। पाठ पूरा होने के बाद भैरव बाबा के मंत्र का एक बार जाप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव और काल भैरव की आराधना करते हुए परिवार की सुख-शांति और जीवनसाथी की परेशानियां दूर होने की प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।
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5. संतान की खुशहाली के लिए करें यह उपाय
यदि आप अपनी संतान की तरक्की और खुशहाली को लेकर चिंतित हैं, तो कालाष्टमी पर भैरव बाबा की पूजा करके उसके अच्छे भविष्य की कामना कर सकते हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दिन एक मुट्ठी काले तिल लेकर भैरव जी का स्मरण करते हुए बच्चे के सिर के ऊपर से सात बार उतारें। इस प्रक्रिया में छह बार घड़ी की दिशा में और एक बार विपरीत दिशा में तिल उतारने की परंपरा बताई गई है। इसके बाद उन तिलों को बहते पानी में प्रवाहित करने और इस दौरान भैरव मंत्र का जाप करने का विधान बताया जाता है।
मंत्र: ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ।