Kalashtami 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इसी पवित्र माह में आने वाली कालाष्टमी का भी विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की उपासना को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। साथ ही जीवन में आ रही कई तरह की परेशानियां भी दूर होने लगती हैं। इस बार लोगों के मन में यह सवाल है कि सावन की कालाष्टमी 4 अगस्त को मनाई जाएगी या 5 अगस्त को। आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार इसकी सही तिथि, पूजा का महत्व और इस दिन जप किए जाने वाले प्रमुख मंत्र।
कब है सावन की कालाष्टमी 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 5 अगस्त 2026 को शाम 8 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगी और 6 अगस्त 2026 को शाम 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस वर्ष कालाष्टमी का व्रत 5 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
कालाष्टमी व्रत का महत्व
काल भैरव को भगवान शिव का रक्षक और न्यायप्रिय स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा और व्रत करते हैं, उन्हें जीवन की कई परेशानियों से राहत मिलती है। धार्मिक मान्यता है कि काल भैरव की कृपा से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। वहीं ज्योतिषीय मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि इस दिन की गई उपासना राहु से जुड़े अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायक मानी जाती है। इससे जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उज्जैन के काल भैरव मंदिर का विशेष महत्व
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित भगवान काल भैरव का मंदिर देश के प्रसिद्ध भैरव मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है, जहां भगवान काल भैरव को प्रसाद के रूप में मदिरा अर्पित की जाती है। श्रद्धालु मानते हैं कि अर्पित किया गया यह प्रसाद भगवान स्वयं स्वीकार करते हैं। इसी अनूठी परंपरा को देखने और दर्शन करने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं।
कालाष्टमी पर करें इन मंत्रों का जाप
ॐ शिवगणाय विद्महे गौरीसुताय धीमहि तन्नो भैरव प्रचोदयात॥
ॐ कालभैरवाय नमः॥
ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्॥
धर्मध्वजं शङ्कररूपमेकं शरण्यमित्थं भुवनेषु सिद्धम्। द्विजेन्द्र पूज्यं विमलं त्रिनेत्रं श्री भैरवं तं शरणं प्रपद्ये॥