Kalburgi Dargah case: कर्नाटक के कलबुर्गी जिले से जुड़े एक संवेदनशील धार्मिक मामले में हाई कोर्ट ने महाशिवरात्रि के अवसर पर दरगाह परिसर में स्थित शिवलिंग की पूजा की अनुमति दी है। अदालत के इस फैसले को हिंदू पक्ष के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। आदेश के तहत निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं को सीमित समय और तय शर्तों के साथ पूजा की इजाजत दी गई है।
सीमित संख्या में अनुमति
यह आदेश एक स्थानीय याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया। अदालत ने पिछले वर्ष की व्यवस्था को बरकरार रखते हुए इस बार भी महाशिवरात्रि के दिन सीमित लोगों को पूजा की अनुमति दी। प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अपील
मामले को लेकर दरगाह प्रबंधन समिति ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि पहले उच्च न्यायालय में ही प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। समिति ने अपनी याचिका में धार्मिक स्थल के स्वरूप को लेकर चिंता जताई थी।
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साझा आस्था का स्थल
विवादित स्थल 14वीं सदी के सूफी संत हज़रत शेख अलाउद्दीन अंसारी और 15वीं सदी के संत राघव चैतन्य से जुड़ा बताया जाता है। परिसर में स्थित शिवलिंग को लेकर दोनों समुदायों की आस्था जुड़ी रही है। अतीत में यहां दोनों समुदायों के लोग आते रहे हैं।
कड़ी सुरक्षा में पूजा
पिछले वर्ष भी अदालत ने सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को पूजा की अनुमति दी थी, जो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई थी। इस वर्ष भी उसी तर्ज पर आदेश पारित किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अनहोनी न हो।