लखनऊ/बांदा। बुंदेलखंड के बांदा जिले के ऐतिहासिक धरती पर 15 से 17 फरवरी तक तीन दिवसीय भव्य कालिंजर महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 'इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा' थीम पर आधारित यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का अद्भुत उत्सव होगा। महोत्सव का आयोजन जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में किया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'कालिंजर महोत्सव के दौरान बुंदेली लोक नृत्य, आल्हा गायन, भजन और लोकगीतों सहित विविध प्रस्तुतियां होंगी, जो क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को नया मंच प्रदान करेंगी। बांदा जनपद के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक वैभव से परिपूर्ण कालिंजर किले की पृष्ठभूमि में यह आयोजन आगंतुकों को लोक उत्सव के वातावरण में इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी स्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा।'
हर विधा के कलाकार संग परंपरा और नवाचार
कालिंजर महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरेगी, वहीं खेल महोत्सव के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मंच मिलेगा। 'बांदा गॉट टैलेंट' के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, तो 'आज की शाम कालिंजर के नाम' के अंतर्गत विभिन्न विधाओं के कलाकार, गायक और खिलाड़ी अपनी विधा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
खेल महोत्सव और 'बांदा गॉट टैलेंट'
खेल महोत्सव प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से अपराह्न 04 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 15 फरवरी को खो-खो प्रतियोगिता, 16 फरवरी को कबड्डी प्रतियोगिता तथा 17 फरवरी को दंगल प्रतियोगिता का आयोजन होगा। कालिंजर महोत्सव के अंतर्गत 'बांदा गॉट टैलेंट' का आयोजन प्रतिदिन अपरान्ह 1 बजे से 3 बजे तक किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 15 फरवरी को विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तरीय प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जबकि 17 फरवरी को सांस्कृतिक उत्सव 2025-26 के जनपद स्तरीय विजेताओं द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।