Honey Trap CD controversy: मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कमलनाथ ने बयान दिया था, "मेरे पास भी हनी ट्रैप की सीडी है", जिसे लेकर कोर्ट में कार्यवाही की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दायर याचिका को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे साक्ष्यविहीन और अनुचित बताया।
क्या था मामला?
जनहित याचिका एडवोकेट भूपेंद्र सिंह कुशवाह ने दायर की थी, जिसमें कमलनाथ, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह, पुलिस और एसआईटी को पार्टी बनाया गया था। आरोप था कि कमलनाथ ने एक बयान में कहा था कि उनके पास भी हनी ट्रैप कांड की सीडी मौजूद है, जो पूरे मामले को प्रभावित कर सकता है।
कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
10 जुलाई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या इस कथित बयान का कोई वीडियो या प्रमाण कोर्ट में पेश किया गया है? जवाब में बताया गया कि सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स और चैनलों पर आए वीडियो का हवाला है, लेकिन कोई ठोस प्रमाण जैसे सीडी या प्रमाणित रिकॉर्ड कोर्ट में नहीं सौंपा गया।
कोर्ट की टिप्पणी और फैसला
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों या चैनलों पर आए वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप नहीं लगाए जा सकते। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका में कोई वैध साक्ष्य नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं संभव
यह फैसला कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में फिर बहस छिड़ सकती है, क्योंकि हनी ट्रैप मामला पहले से ही प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है।