इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब KAMCO चॉकलेट फैक्ट्री में अचानक भीषण आग भड़क उठी। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की भयावहता के बीच अब यह सवाल उठने लगे हैं कि यह महज दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश छिपी है।
लसूड़िया क्षेत्र में दहशत का मंजर
यह घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र में स्थित KAMCO चॉकलेट फैक्ट्री में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सामने आई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री से ऊंची-ऊंची लपटें और घना काला धुआं उठने लगा। आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर और कर्मचारी दहशत में आ गए और आनन-फानन में बाहर निकलने लगे।
NPA कंपनी और उठते गंभीर सवाल
सूत्रों के अनुसार, KAMCO फैक्ट्री पर विभिन्न बैंकों का भारी कर्ज है और कंपनी को एनपीए घोषित किया जा चुका है। लोन रिकवरी को लेकर बैंकों ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर रखी है। ऐसे संवेदनशील समय पर फैक्ट्री में भीषण आग लगने की घटना ने कई शंकाओं को जन्म दे दिया है। औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा है कि कहीं यह आग किसी योजना का हिस्सा तो नहीं।
क्या पहले निकाला गया कीमती सामान?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा जोरों पर है कि आग लगने से पहले फैक्ट्री से मशीनें और अन्य कीमती सामान बाहर निकाल लिया गया हो। यदि जांच में ऐसा कुछ सामने आता है, तो यह मामला केवल आगजनी का नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम और प्रशासन के साथ धोखाधड़ी का गंभीर अपराध बन सकता है। हालांकि, अभी तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फायर सेफ्टी सिस्टम पर सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल फैक्ट्री में मौजूद फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर खड़ा हो रहा है। क्या फैक्ट्री में फायर सेफ्टी सिस्टम वास्तव में काम कर रहा था या सिर्फ कागजों में ही नियमों का पालन दर्शाया गया था? दिनदहाड़े लगी आग को शुरुआती स्तर पर काबू में क्यों नहीं किया जा सका, यह जांच का अहम बिंदु है।
प्रशासन और फायर ब्रिगेड की कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। सुरक्षा के लिहाज से आसपास की फैक्ट्रियों को भी खाली कराया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
हादसा या साजिश, जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह आग तकनीकी खराबी से लगी या किसी साजिश का नतीजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। लेकिन जिस तरह से समय, हालात और कंपनी की आर्थिक स्थिति सामने आ रही है, उसने इस घटना को बेहद संदिग्ध बना दिया है।