लखनऊ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपना नाम और धर्म छिपाकर एक हिंदू युवती से शादी की और उसे 8 साल तक धोखा देता रहा. आरोपी का असली नाम कमरुल हक है, लेकिन उसने खुद को विवेक रावत बताकर युवती को झांसे में लिया.
2017 में आर्य समाज मंदिर में रचाई थी शादी
कमरुल हक हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के गांव दहेलिया का रहने वाला है. उसने 2017 में 'विवेक रावत' नाम से आर्य समाज मंदिर में एक हिंदू युवती से शादी की. युवती सामाजिक कार्यकर्ता है और लखनऊ के रहीमाबाद क्षेत्र में महिलाओं की पेंशन से जुड़ा काम करती है.
फर्जी पहचान और दिखावे से नहीं हुआ शक
युवती ने बताया कि उसकी पहचान एक फोन कॉल से हुई थी जहां आरोपी ने खुद को विवेक बताया और पेंशन से जुड़ी जानकारी मांगी. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और शादी का प्रस्ताव आया. आरोपी पूजा-पाठ करता था, माथे पर तिलक और हाथ में कलावा भी बांधता था, जिससे युवती को कभी शक नहीं हुआ.
शादी के बाद दो साल साथ रहा, फिर गायब हो गया
आरोपी शादी के बाद दो साल तक वह लखनऊ में किराये के घर में पीड़िता के साथ रहा. लेकिन कोविड काल में उसने बहाना बनाकर हरदोई चलने की बात की और धीरे-धीरे उसका आना-जाना बंद हो गया. जब युवती ने हरदोई में साथ रहने की जिद की तो वह बचने लगा.
हरदोई जाकर खुला सच
एक दिन युवती सीधे हरदोई में बताए पते पर पहुंच गई, तो सारा सच सामने आ गया. उसे पता चला कि विवेक असल में कमरुल हक है. वह पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं.
परिजनों ने किया हमला, पीड़िता ने 1090 पर मांगी मदद
जब पीड़िता ने विरोध किया, तो कमरुल के घरवालों ने उस पर हमला कर दिया. पीड़िता ने किसी तरह बाथरूम में बंद होकर 1090 (महिला हेल्पलाइन) पर कॉल की. पुलिस समय पर पहुंची और उसे सुरक्षित बाहर निकाला.
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता की तहरीर पर रहीमाबाद थाने में धारा 420 (धोखाधड़ी), 376 (बलात्कार), और 352 (हमला) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. सोमवार देर रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कमरुल को अनीपुर-अटेर मार्ग से गिरफ्तार कर लिया.
फर्जी आधार कार्ड भी बरामद
पुलिस ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है, जिसमें उसका नाम विवेक रावत लिखा था. अब पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज (धारा 467/468 IPC) तैयार करने की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ दी हैं.