मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन से लगातार दूसरे दिन मानव कंकाल मिलने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। पहले दिन रेत में दबी महिला का कंकाल मिला और अगले ही दिन जंगल में पेड़ से लटका नर कंकाल बरामद हुआ। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है।
बफर जोन में मिला नर कंकाल, इलाके में मचा हड़कंप
गुरुवार को थाना खटिया क्षेत्र के अंतर्गत चौकी टाटरी के सुरपाठी जंगल में एक नर कंकाल पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। जंगल में मवेशी चराने पहुंचे ग्रामीणों ने सबसे पहले कंकाल को देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया।
कपड़ों और निशानों से हुई पहचान
पुलिस जांच में कंकाल की पहचान 65 वर्षीय नैन सिंह मरावी के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि नैन सिंह करीब दो महीने पहले जंगल जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद कभी वापस नहीं लौटे। इस संबंध में चौकी टाटरी में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
काफी पुराना बताया जा रहा है कंकाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंकाल काफी समय पुराना है। शरीर के निचले हिस्से को जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस को प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया जबलपुर
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए कंकाल को पेड़ से उतरवाया और पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक जांच के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
एक दिन पहले महिला का कंकाल मिलने से बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही कान्हा के बफर जोन में रेत में दबा एक महिला का कंकाल बरामद हुआ था। लगातार दो दिनों में दो अलग-अलग स्थानों पर मानव कंकाल मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग जंगल की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
क्या दोनों मामलों में है कोई कड़ी?
पुलिस दोनों घटनाओं को फिलहाल अलग-अलग मामलों के रूप में देख रही है, लेकिन इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं इन दोनों मौतों के बीच कोई आपसी संबंध तो नहीं है। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पुलिस बच रही है।