KANPUR MURDER CASE: कानपुर में करोड़ों की संपत्ति वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, जिस बहू शालू पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया गया था, वह अब इस मामले में बेगुनाह पाई गई है। जांच में कारोबारी के बेटे सुब्रत को कथित तौर पर साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। पुलिस का दावा है कि संपत्ति, कर्ज और पिता की निजी जिंदगी को लेकर बनी आशंकाओं के बीच हत्या की योजना तैयार की गई और नौकर को सुपारी देने की बात सामने आई है।
बहू पर लगा आरोप, अब बेटे पर पुलिस का शक
5 सितंबर को 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हुई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने उनके नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने शालू के कहने पर वारदात करने की बात कही थी। इसके बाद शालू को भी जांच के दायरे में लिया गया। लेकिन पुलिस के अनुसार, बाद की पूछताछ में कहानी बदल गई। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि जांच में सुब्रत को कथित तौर पर मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस अब शालू की रिहाई के लिए कोर्ट में आवेदन देने की तैयारी कर रही है।
संपत्ति को लेकर बेटे के मन में था डर
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने कथित तौर पर अपने पिता की निजी जिंदगी को लेकर कई बातें बताईं। उसके मुताबिक, पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और उसे आशंका थी कि भविष्य में वह किसी महिला से शादी कर सकते हैं। सुब्रत को डर था कि ऐसा होने पर करोड़ों की संपत्ति में नया वारिस जुड़ सकता है। पुलिस के अनुसार, इसी आशंका को हत्या की साजिश के पीछे की एक वजह बताया गया है। हालांकि ये बातें पूछताछ में सामने आए आरोपी के कथित बयानों पर आधारित हैं।
नौकर को 6 लाख देने का दावा
जांच में सामने आई कहानी के मुताबिक, सुब्रत ने नौकर विशाल से पिता की हत्या कराने की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि विशाल को इसके बदले 6 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। विशाल ने कथित तौर पर बताया कि सुब्रत ने उसे वारदात को इस तरह अंजाम देने के लिए कहा था कि मामला सामान्य मौत जैसा दिखाई दे। विशाल के मुताबिक, हत्या के दिन सुब्रत ने उसे कई बार फोन किया। योजना के अनुसार विनीत का मुंह तकिए से दबाने की बात थी। लेकिन फ्लैट में छिपे विशाल और राजकिशोर को विनीत ने देख लिया और शोर मचाने लगे। इसके बाद विशाल ने चाकू से हमला कर दिया और उनकी मौत हो गई।
शराब, जुआ और 40 लाख के कर्ज का भी जिक्र
पुलिस ने सुब्रत की आर्थिक स्थिति को भी जांच का अहम हिस्सा बताया है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, सुब्रत शराब, जुआ और सट्टे का आदी था और महंगे शौक के चलते उस पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था। बैंक लोन की करीब 55 हजार रुपये मासिक किस्त भी बताई गई है। पुलिस के अनुसार, पिता हर महीने उसे 40 हजार रुपये देते थे। पत्नी शालू ने भी पति की आर्थिक मदद के लिए अपने पिता से 14 लाख रुपये दिलवाए थे। पूछताछ में सुब्रत ने माना कि उसका खर्च उसकी आमदनी और मिलने वाली रकम से ज्यादा था।
पूछताछ में आमना-सामना, शालू की आंखों में आंसू
पुलिस ने शालू, विशाल और राजकिशोर को 24 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इस दौरान आरोपियों का आमना-सामना कराया गया। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने बाद में सुब्रत की भूमिका की बात कही और दावा किया कि पहले शालू का नाम लेने के लिए भी उसे कहा गया था।दूसरी ओर, राजकिशोर ने कथित तौर पर कहा कि वह विशाल के कहने पर वारदात में शामिल हुआ था और उसे पैसों की जरूरत थी। पूछताछ के दौरान शालू ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। पुलिस के अनुसार, वह रोती रही, जबकि सुब्रत ने उसकी तरफ देखने से भी परहेज किया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में 40 से ज्यादा सवाल किए गए और आरोपियों के बयान व पूछताछ की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। अब पुलिस की जांच का केंद्र सुब्रत की कथित भूमिका, विशाल से उसके संपर्क और हत्या की पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ना है।