उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया है। साढ़ थाना क्षेत्र के लक्ष्मणखेड़ा गांव में एक महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर न सिर्फ अपने पति की हत्या कर दी, बल्कि तीन निर्दोषों को फंसाने की भी साजिश रची। ये पूरा मामला एक अवैध प्रेम संबंध का परिणाम था, जिसमें सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर खौफनाक साजिश रची गई। आरोपी महिला रीना और उसका प्रेमी भतीजा सतीश कई दिनों से संपर्क में थे और एक-दूसरे के प्रति दीवानगी में इस हद तक पहुंच गए कि एक जान लेने और दूसरों की जिंदगी बर्बाद करने से भी नहीं चूके। हत्या के बाद दोनों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और गांव के पुराने जातीय विवाद का फायदा उठाकर निर्दोषों को फंसाने का खेल खेला। लेकिन पुलिस की सतर्कता, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने इस पूरे मामले की परतें खोल दीं। अब दोनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं, जबकि फर्जी केस में जेल गए निर्दोषों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
रीना और सतीश के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। धर्मेंद्र ने एक बार दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था, जिसके बाद उनसे मिलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसी कारण दोनों ने हत्या की साजिश रची।
नींद की गोलियों से पति को किया बेहोश
10 मई की रात रीना ने पति धर्मेंद्र को खाने में नींद की गोलियां दीं। बेहोश होने पर सतीश को बुलाकर चौखट से धर्मेंद्र के सिर पर वार कर हत्या कर दी।
फॉरेंसिक जांच और डॉग स्क्वायड से खुला राज
घर के अंदर मिले खून के छींटों और डॉग स्क्वायड की मदद से पुलिस को शक हुआ। सीडीआर और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने सच्चाई सामने ला दी।
जातीय विवाद का उठाया फायदा
रीना ने पासी और यादव समुदाय के पुराने विवाद का इस्तेमाल कर कीर्ति यादव व अन्य पर झूठा आरोप लगाया। पुलिस ने शुरुआत में दो निर्दोषों को गिरफ्तार भी कर लिया।
पुलिस की सतर्कता से हुआ पर्दाफाश
गहन जांच के बाद रीना और सतीश की साजिश सामने आई। अब दोनों जेल में हैं और निर्दोषों की रिहाई की प्रक्रिया धारा 169 के तहत जारी है।