कानपुर के स्वास्थ्य विभाग में जारी सीएमओ विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है. शासन ने बड़ा फैसला लेते हुए वर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयनाथ को हटा दिया है और उन्हें फिर से श्रावस्ती जिले में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर भेज दिया गया है. दूसरी ओर निलंबित किए गए पूर्व सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी का निलंबन फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में फिर से हलचल मच गई है.
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
डॉ. हरिदत्त नेमी ने 14 दिसंबर 2023 को कानपुर में सीएमओ का पदभार संभाला था. लेकिन 18 जनवरी 2024 को नए जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह के कार्यभार संभालने के बाद अस्पतालों में निरीक्षण शुरू हुआ, जिसमें कई खामियां उजागर हुई. निरीक्षण में अस्पतालों में कर्मचारी गैरहाज़िर मिले, दवाओं की व्यवस्था ठीक नहीं थी और साफ-सफाई की हालत भी खराब थी.
डीएम ने सीएमओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन डॉ. नेमी ने इन्हें नजरअंदाज कर दिया. जांच के दौरान सीएमओ पर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और अनियमितता के आरोप भी लगे. बाद में एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसमें सीएमओ की बातचीत विवादों में आ गई. इन सभी आरोपों के चलते शासन ने 19 जून 2024 को डॉ. हरिदत्त नेमी को निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया था.
दो सीएमओ, एक कुर्सी! मामला क्या है
शासन ने डॉ. उदयनाथ को श्रावस्ती से बुलाकर कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त किया. लेकिन इस बीच डॉ. हरिदत्त ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया और फिर से सीएमओ कार्यालय पहुंचकर कुर्सी संभाल ली. इस खबर के फैलते ही डॉ. उदयनाथ भी वहां पहुंच गए और दोनों अधिकारियों के बीच दफ्तर में ही कुर्सी पर बैठने को लेकर बहस छिड़ गई.
इस असहज स्थिति को दो दिन तक पूरे शहर ने देखा, जिससे स्वास्थ्य विभाग की छवि और व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हो गए. शासन ने दोनों अधिकारियों को तलब कर स्थिति को काबू में लाने की कोशिश की.
शासन का चौंकाने वाला आदेश
अब शासन ने एक चौंकाने वाला आदेश जारी करते हुए डॉ. उदयनाथ का तबादला कर दिया है और उन्हें फिर से श्रावस्ती में एसीएमओ पद पर तैनात किया गया है. वहीं, डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन को भी रोक दिया गया है जिससे माना जा रहा है कि वह फिर से सीएमओ पद की जिम्मेदारी निभा सकते हैं.
स्वास्थ्य विभाग में उथल पुथल
इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग में भारी उथल-पुथल मचा दी है. अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि डॉ. हरिदत्त नेमी के खिलाफ जांच और उनके पद पर वापसी को लेकर आगे क्या निर्णय होता है. शासन का यह फैसला साफ संकेत देता है कि कानपुर का सीएमओ विवाद अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है.