UP News: गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) के डॉक्टर्स जहां मरीजों का अत्याधुनिक सुविधाओं वाली मशीनों से इलाज करते हैं, वहीं अब वह दिन दूर नहीं, जब वे छह देशों के वैज्ञानिकों संग मिलकर दवाओं पर शोध शुरू करेंगे। इसके लिए रोडमैप बन चुका है। शुक्रवार को स्पेन, इटली, पोलैंड, पुर्तगाल, स्लोवानिया, चेक रिपब्लिक समेत अन्य देशों के वैज्ञानिक मेडिकल कॉलेज पहुंचे और यहां उन्होंने प्राचार्य डॉ. संजय काला, फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ.अजय शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक सीमा द्विवेदी व अन्य के साथ कॉलेज का निरीक्षण किया।
डॉक्टर्स छह देशों के वैज्ञानिकों संग शोध कार्य करेंगे
उन्होंने कॉलेज के अलावा सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली्र। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की ओर से बनी लैब को देख वैज्ञानिक संतुष्ट हुए। इस पूरे मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अब हमारे डॉक्टर्स छह देशों के वैज्ञानिकों संग शोध कार्य करेंगे। इस कवायद को लेकर पिछले कई माह से बातचीत जारी थी। शुक्रवार को वैज्ञानिकों से कई बिंदुओं पर संवाद हुआ। ड्रग डेवलपमेंट के अलावा कैंसर फार्माकोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी समेत अन्य विषयों पर वह स्टूडेंट-फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम करने को भी तैयार हैं।
शोध संबंधी कार्यों में भी मदद करेंगे
फार्मेसी विभागाध्यक्ष डा.अजय शर्मा के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने भरोसा दिया है कि वह जेनेटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर मेडिकल छात्रों को अपनी ओर से टिप्स देंगे। शोध संबंधी कार्यों में भी मदद करेंगे। जो वैज्ञानिक आए थे, उनमें चेक रिपब्लिक से डॉ. प्रेमिसल, स्लोवानिया से डॉ. लूसिजा, पीटरलिन मैसिक, स्पेन से डॉ. एलेजेंद्रो, पुर्तगाल से डॉ. फर्नांडो, पोलैंड से डॉ. फिलिप व इटली से एसो. प्रो. क्लाउडियो शामिल रहे।