कानपुर में आयोजित 551 जोड़ों के सामूहिक विवाह एवं निकाह समारोह के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कार्यक्रम के दौरान भोजन और सामग्री वितरण को लेकर भारी अव्यवस्था देखी गई। हालात इतने बिगड़े कि कई परिवार बिना खाना खाए ही लौटने को मजबूर हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी शिल्पी सिंह को तत्काल पद से हटाकर समाज कल्याण निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह शिवम सागर को नया जिला समाज कल्याण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
15 हजार की जगह सिर्फ 5 हजार का इंतजाम
जानकारी के मुताबिक, सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए 15 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था का अनुबंध किया गया था, लेकिन मौके पर सिर्फ करीब 5 हजार लोगों के लिए ही खाना उपलब्ध पाया गया। जैसे ही भोजन की कमी सामने आई, काउंटरों पर अफरा-तफरी मच गई। मेहमानों की भीड़ बढ़ती गई और कुछ ही देर में भोजन पूरी तरह खत्म हो गया। हालात बिगड़ने पर रसोई कर्मचारियों ने खाना बनाना भी बंद कर दिया, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई।
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10 किलो की जगह 2-3 किलो लड्डू
नियमों के अनुसार प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 10 किलो लड्डू दिए जाने थे, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि अधिकांश जोड़ों को केवल 2 से 3 किलो लड्डू ही दिए गए। ADM सिटी डॉ. राजेश कुमार की अगुवाई में गठित जांच समिति ने जब सैंपल के तौर पर रखी गई डलिया की जांच की, तो उसमें भी निर्धारित मात्रा से काफी कम लड्डू पाए गए। यही नहीं, 12 इंच बताई गई घड़ी की लंबाई भी मानक से कम निकली, जिससे गड़बड़ी की पुष्टि और मजबूत हो गई।
2.50 करोड़ के टेंडर पर सवाल
इस पूरे आयोजन के लिए करीब 2.50 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था, इसके बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह फेल रहीं। खासतौर पर रसगुल्लों की कमी को लेकर जब चर्चा फैली तो लोग बड़ी संख्या में स्टॉल की ओर उमड़ पड़े और कुछ ही समय में मिठाई खत्म हो गई। हालात संभालने के लिए प्रशासन को मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि के बाद अब टेंडर प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।