हरिद्वार में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज : श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर हरिद्वार प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष यात्रा 30 जुलाई से प्रारंभ होगी और लाखों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए कांवड़ और झांकियों की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों को इन दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.
कांवड़ और झांकियों की ऊंचाई पर नियम
पुलिस द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सामान्य कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट निर्धारित की गई है, जबकि डीजे और सजावटी झांकियों के साथ निकलने वाली बड़ी कांवड़ों की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इन सीमाओं का उद्देश्य बिजली की हाईटेंशन लाइनों, पुलों और अन्य सार्वजनिक ढांचों से संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई वाली कांवड़ों को यात्रा मार्ग पर अनुमति नहीं दी जाएगी.
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी कड़ी
हरिद्वार में यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रमुख घाटों, मंदिरों और यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। संवेदनशील स्थानों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। कंट्रोल रूम से पूरे मेले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
यातायात और पार्किंग की विशेष योजना
यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए जाएंगे, जबकि श्रद्धालुओं के लिए अलग पैदल मार्ग बनाए जाएंगे। शहर के बाहरी क्षेत्रों में पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं, जहां से श्रद्धालु निर्धारित मार्गों के जरिए हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंच सकेंगे। प्रशासन ने आम यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लेने की अपील की है.
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी निर्देश
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। कांवड़ लेकर चलने वाले समूहों से कहा गया है कि वे सड़क पर अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं और किसी भी प्रकार के खतरनाक स्टंट या तेज ध्वनि वाले उपकरणों का प्रयोग न करें। आयोजकों को अपने स्वयंसेवकों की व्यवस्था रखने तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा
हरिद्वार प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसलिए सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, कांवड़ समितियों और स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का पालन करने से यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल तरीके से संपन्न कराई जा सकेगी.