Kanwar Yatra: मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की संख्या तेजी बढ़ रही है. अगर यह संख्या और ज्यादा होती है तो एक्सप्रेसवे को वनवे कर दिया जाएगा. एक्सप्रेसवे पर दिल्ली की ओर से आने वाले कांवड़ियो के लिए दो लेन को आरक्षित किया गया है, ताकि उन्हें पैदल चलने में आसानी हो. डाक कांवड़ के लिए विशेष सुविधा दी गई है. दिल्ली जाने वाली तीनों लेनों पर वाहनों का संचालन रोक दिया जाएगा। काशी टोल प्लाजा से दिल्ली गेट तक करीब 40 किलोमीटर जाने वाली दोदिल्ली नों लेन पर बैरिकेडिंग होगी.
10 बजे से वन-वे करने का फैसला
पुलिस के अनुसार, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों के डाक कांवड़ियों की सुविधा के लिए मेरठ-एक्सप्रेसवे को 19 जुलाई की रात 10 बजे से वन-वे करने का फैसला लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को भीड़ नहीं बढ़ी तो रविवार को इसे पहले की तरह बहाल कर दिया जाएगा. काशी टोल प्लाजा से दिल्ली गेट तक दिल्ली जाने वाली तीनों लेनों पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। दोनों सीमाओं पर टोल प्लाजा पर ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी. जरूरी वाहनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अलग लेन की बात की कही गई है. ये वाहन पेट्रोल, दूध, खाद्य पदार्थ और अन्य
से जुड़े हैं.
दिल्ली मार्ग पर हर जगह डायवर्जन होगा
सीमापुरी से मेरठ के मोदीनगर क्षेत्र स्थित कादराबाद सीमा तक 12 चौराहों और तिराहों को चुना गया है. यहां पर वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है. वाहनों का ज्यादा दबाव होने पर कांवड़ियों के लिए स्पेशल व्यवस्था की गई है. ऐसे हालात में वाहनों को दूसरी लाइन में प्रवेश कराकर गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा. इन 12 चौराहों तिराहों में राज चौपला, गंगनहर टी-प्वाइंट, एएलटी चौराहा, घूकना मोड़, मेरठ तिराहा यूटर्न, न्यू लिंक रोड, हिंडन नदी मेट्रो यूटर्न, मोक्षधाम कनावनी कट और मोहननगर चौराहों से वाहनों को निकालने की कोशिश होगी. ये कांवड़ियों के जत्थों को रोककर किया जाएगा. हर चौराहे को हर 10 मिनट के लिए खोला जाएंगा. इस मार्ग पर कई जगहों पर डायवर्जन किया गया है. इस तरह से वाहनों के साथ कांवड़ियों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.