Navratri Kanya Pujan 2026: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के साथ कन्या पूजन का भी विशेष महत्व होता है। इस दौरान छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा या उपहार दिया जाता है। कई घरों में इस परंपरा को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाया जाता है। हालांकि, कन्याओं के लिए उपहार खरीदते समय कुछ लोग इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि क्या देना उचित होगा और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। आइए जानते हैं कन्या पूजन के लिए उपहार चुनते समय किन बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
कब होगा कन्या पूजन?
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने की परंपरा है। इन दिनों नौ कन्याओं को देवी के नौ रूपों का प्रतीक मानकर पूजा जाता है। कई परिवार कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोजन कराते हैं, जिसे भैरव स्वरूप माना जाता है। पूजा के बाद बच्चियों को भोजन कराने के साथ दक्षिणा और उपहार देने की परंपरा भी निभाई जाती है। मान्यता है कि कन्याओं का आदर-सत्कार करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
कन्या पूजन में बच्चियों को क्या उपहार दें?
कन्या पूजन के समय उपहार का चयन करते हुए बच्चियों की उम्र, पसंद और जरूरत का ख्याल रखना अच्छा रहता है। जरूरी नहीं कि उपहार महंगा ही हो। अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-सी उपयोगी चीज भी दी जा सकती है।
पढ़ाई से जुड़ी चीजें: कॉपी, पेंसिल, रंग और कहानी की किताबें बच्चियों के काम आ सकती हैं।
कपड़े और चुनरी: आप बच्चियों को नए कपड़े, रुमाल या लाल चुनरी भेंट कर सकते हैं।
फल और मिठाई: पूजा के बाद फल, मिठाई या अन्य सात्विक खाद्य पदार्थ दिए जा सकते हैं।
चूड़ियां और छोटी सजावटी वस्तुएं: परिवार की परंपरा के अनुसार चूड़ियां या उम्र के अनुकूल श्रृंगार सामग्री भी दी जा सकती है।
दक्षिणा: अपनी सामर्थ्य के अनुसार बच्चियों को पैसे देना भी इस परंपरा का हिस्सा है।
उपहार देते समय इस बात का ध्यान रखें कि वस्तु बच्चियों के लिए सुरक्षित हो और उनके इस्तेमाल के लायक हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें प्यार और सम्मान के साथ विदा किया जाए।
कन्या पूजन में किन चीजों को देने से बचें?
1.नुकीली और खतरनाक वस्तुएं
छोटी बच्चियों को उपहार में चाकू, ब्लेड या अन्य धारदार सामान नहीं देना चाहिए। ऐसी चीजें उनके लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। इसके बजाय स्टेशनरी, खिलौने या रोजमर्रा में काम आने वाली सुरक्षित वस्तुएं चुनना बेहतर है।
2.काले रंग की वस्तुएं
कुछ धार्मिक मान्यताओं में पूजा-पाठ के दौरान काले रंग की चीजें भेंट करने से परहेज किया जाता है। इसी वजह से कई परिवार कन्या पूजन के उपहार में इस रंग की वस्तुओं को शामिल नहीं करते। ऐसे में अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार लाल, पीले या गुलाबी रंग की चीजें चुनी जा सकती हैं।
3.चमड़े से बनी वस्तुएं
धार्मिक दृष्टिकोण से कुछ परिवार पूजा के अवसर पर चमड़े से बनी चीजें देना उचित नहीं मानते। इसलिए कन्या पूजन के लिए उपहार खरीदते समय इस परंपरा का ध्यान रखा जा सकता है। इसके स्थान पर कपड़े, किताबें या अन्य उपयोगी सामान देना एक अच्छा विकल्प है।
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कन्या पूजन में सबसे जरूरी है सम्मान का भाव
कन्या पूजन केवल उपहार देने की रस्म नहीं, बल्कि छोटी बच्चियों के प्रति प्रेम, आदर और सेवा का भाव प्रकट करने का अवसर भी है। उपहार की कीमत से अधिक उसका उद्देश्य मायने रखता है। बच्चियों को भोजन कराते समय उनकी पसंद और सुविधा का ध्यान रखें और उन्हें खुशी के साथ विदा करें। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए उनकी सुरक्षा, सहजता और सम्मान को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।