महिला की हत्या कर बेटी को अगवा करने के आरोपी की उम्र पर अभी फैसला नहीं आया है। इस पर दस मार्च को सुनवाई होनी है। इस बीच पुलिस ने आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेकर वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद करने की तैयारी कर ली है। आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन किया है।
क्या था मामला
सरधाना थाना क्षेत्र कपसड़ा गांव में आठ जनवरी की सुबह गांव की सुनीता की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद गांव का ही किशोर उनकी बेटी रूबी को अगवा कर ले गया था। इस घटना को लेकर राजनीति गरमा गई थी, जिसको देखते हुए पुलिस ने कपसाड़ गांव को सील कर दिया था। राजनीति दबाव बनता देखकर युवती को बरामद करने के लिए दस टीमें गठित की गई थी। पुलिस की टीमों ने संभावित स्थानों पर ताबड़तोड़ दबिश देकर रूबी को रुड़की के एक स्टेशन से ट्रेन से सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी ने जेल जाने के बाद जेल प्रशासन से मदद मांगी थी और बताया था कि वह नाबालिग है। आरोपी के नाबालिग होने का पता चलने पर अधिवक्ता संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा ने उसका केस लड़ने की घोषणा की। तीनों अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और वादी पक्ष को नोटिस जारी कर दिए। सुनवाई के बाद केस जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। भले ही मामला एससीएसटी कोर्ट से जेजे बोर्ड ट्रांसफर हो गया हो, लेकिन आरोपी की जन्म तिथि को लेकर अभी भी पेच फंसा है। आरोपी के एडवोकेट संजीव राणा ने बताया, उन्होंने बोर्ड के समक्ष हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कई रुलिंग पेश की है। अब सुनवाई के लिए 10 मार्च तिथि निर्धारित की गई है।
कस्टडी रिमांड पर लेकर हथियार बरामद करेगी पुलिस
भले ही अभी आरोपी की उम्र को लेकर कोई फैसला नहीं आया हो, लेकिन पुलिस अपनी जांच कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद करने के लिए कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट से कस्टडी रिमांड मिलते ही आरोपी को जेल से बाहर लाकर वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किया जाएगा।