दलित महिला सुनीता की हत्या कर बेटी रूबी को अगवा करने के प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी पारस सोम को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में एसीजेएम की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने रूबी को कोर्ट में पेश किया था। रूबी को भी पुलिस ने एसीजेएम कोर्ट में पेश किया था। करीब 50 मिनट तक रूबी के बयान दर्ज किए गए, जो कि सीलबंद लिफाफे में केस के विवेचक को सौंपे जाएंगे। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में रूबी को आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया।
यह था मामला
सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी की सुबह दलित महिला सुनीता की हत्या कर गांव का ही पारस सोम उनकी बेटी रूबी को अगवा कर ले गया था। इस घटना के बाद गांव के सामाजिक ताने-बाने में दरार आ गई थी। घटना के विरोध में जमकर हंगामा हुआ था और राजनीति भी गरमा गई थी। जिसके चलते परिवार ने सुनीता का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। प्रशासन से आर्थिक मदद और आश्वासन मिलने के बाद परिवार वालों ने वारदात के 30 घंटे बाद सुनीता के शव का अंतिम संस्कार किया। डीआईजी एवं एसएसपी डा.विपिन ताडा ने आरोपी की गिरफ्तारी और युवती को सकुशल बरामदगी के लिए दस विशेष टीम गठित की थी। शनिवार को मेरठ व सहारनपुर पुलिस ने आरोपी पारस को हरिद्वार जाते समय रुड़की (हरिद्वार) से पहले चुड़ियाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिरफ्तार कर युवती को सकुशल बरामद कर लिया था। देर रात में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी पारस सोम व रूबी को लेकर मेरठ आई। रात में रूबी को आशा ज्योति केंद्र में रखा गया, जबकि पारस सोम पुलिस की गिरफ्त में रहा।
मेडिकल चेकअप कराने के बाद रूबी को कोर्ट में पेश किया
रविवार सुबह पुलिस की सुरक्षा में रूबी का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इसके बाद पुलिस रूबी को चुपचाप एसीजेएम की कोर्ट में लेकर पहुंची। यहां मजिस्ट्रेट के समझ पुलिस ने रूबी के बयान दर्ज कराए, जिसमें 50 मिनट से अधिक का समय लगा। बयानों को लिफाफे में सील बंद कर दिया गया, जिसे बाद में विवेचक को सौंपा जाएगा। इसके बाद रूबी को आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। रूबी के बयान के बाद पुलिस ने आरोपी पारस सोम को एसीजेएम की कोर्ट में पेश किया। पूरे मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पहले पारस का नाबालिग बताया जा रहा था, लेकिन वह बालिग निकला।
चुपचाप कराई पेशी, पहले सीजेएम की कोर्ट में होनी थी
आरोपी पारस सोम और रूबी को पहले सीजेएम की कोर्ट में पेश किया जाना था। इसकी जानकारी मिलते रविवार सुबह से ही सीजेएम कोर्ट के आसपास मीडिया का जमावड़ा हो गया था और वहां भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई थी, लेकिन पुलिस रूबी के एसीजेएम कोर्ट में चुपचाप बयान करा कर ले गई। इसके बाद तीन बजे पुलिस ने चुपचाप पारस सोम को एसीजेएम की कोर्ट में लेकर पहुंची। इसकी जानकारी मिलते ही मीडिया वहां पहुंच गई और कोर्ट से पारस सोम को जेल ले जाते समय मीडिया ने उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। पारस ने मफलर से चेहरा ढक रखा था और प्रिंट का शाल ओढ़ रखा था। इस दौरान पुलिस से मीडिया कर्मियों की धक्का-मुक्की भी हुई, क्योंकि पुलिस आरोपी को लगातार मीडिया के दूर रखने का प्रयास कर रही थी।
तीन साल पहले रूबी से हो गया था प्रेम
सूत्रों का कहना है कि पुलिस कस्टडी में पारस सोम ने बताया है कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान तीन साल पहले रूबी से प्रेम हो गया था। दोनों ने साथ भागने का फैसला खुद लिया था, क्योंकि, परिवार वालों ने रूबी की शादी कहीं और तय कर दी थी। उधर, पुलिस हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल को बरामद करने के लिए पुलिस आरोपी पारस सोम को कस्टडी रिमांड पर ले सकती है। बताया तो यह भी जा रहा है कि पुलिस दोनों को सुनीता हत्याकांड में आरोपी बना सकती है, लेकिन आगे की यह सब कार्रवाई पुलिस रूबी के बयानों के आधार पर करेंगी और मुकदमे में धाराएं बढ़ाएगी।