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दिल्ली के करण : आज के दौर में फैशन और बॉडी आर्ट का क्रेज युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इस जुनून को एक नई ऊंचाई तक ले जाते हैं. दिल्ली निवासी करण ऐसे ही एक शख्स हैं, जिन्होंने अपने अनोखे शौक और साहसिक सोच के दम पर कुछ ऐसा कर दिखाया है जो अब तक किसी ने नहीं किया था. करण भारत के पहले व्यक्ति बन गए हैं जिन्होंने अपनी आंखों में टैटू बनवाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
आंखों में टैटू बनवाना एक बेहद जोखिम भरा और संवेदनशील प्रक्रिया होती है. इस प्रक्रिया में आंख की सफेद परत (स्क्लेरा) पर स्पेशल इंक इंजेक्ट की जाती है, जिससे आंखों का रंग बदल जाता है। करण ने इस खतरनाक और साहसी प्रक्रिया को चुनकर न केवल अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि टैटू कला को भी एक नया आयाम दिया है. करण का कहना है कि यह फैसला उन्होंने लंबे सोच-विचार और रिसर्च के बाद लिया। वे चाहते थे कि उनका लुक इतना अनोखा हो कि लोग उन्हें देखकर हैरान रह जाएं. हालांकि इस प्रक्रिया में कई तरह के खतरे होते हैं, जैसे आंखों की रोशनी पर असर पड़ना या संक्रमण का खतरा, लेकिन करण ने सभी जोखिमों को जानते हुए भी यह कदम उठाया.
आज करण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. कई लोग उन्हें साहसी और क्रिएटिव बताते हैं, तो कुछ इसे जरूरत से ज्यादा रिस्क कह रहे हैं. लेकिन करण का मानना है कि इंसान को वही करना चाहिए जो उसके दिल को सही लगे – चाहे वो आम हो या असाधारण. दिल्ली के करण ने अपनी आंखों में टैटू बनवाकर यह साबित कर दिया कि जब जुनून हदें पार करता है, तो इंसान कुछ भी कर सकता है। उनका यह कदम आने वाली पीढ़ियों को आत्म-प्रकाशन और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की प्रेरणा देता है.